देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर बड़े किसान आंदोलन की आहट से सुगबुगाहट में है। भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने आगामी 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर होने वाले सीजेपी (CJP) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा कर दी है। इस बड़े ऐलान के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। किसानों के इस रुख से साफ है कि आने वाले दिनों में दिल्ली की सीमाओं और राजधानी के भीतर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करनी पड़ सकती है, क्योंकि किसान संगठनों ने इस बार पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरने का मन बना लिया है।
‘सरकार छीनना चाहती है वोट का अधिकार’, युवा अध्यक्ष अनुज सिंह की दो टूक चेतावनी
इस पूरे आंदोलन को लेकर भारतीय किसान यूनियन के उत्तर प्रदेश युवा प्रदेश अध्यक्ष अनुज सिंह ने एक आक्रामक वीडियो जारी कर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अनुज सिंह ने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के संविधान ने देश के हर नागरिक को एक वोट का अधिकार दिया है, लेकिन मोदी सरकार के करीबी माने जाने वाले लोग इस अधिकार को कमजोर करने का षड्यंत्र रच रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश से लोकतंत्र को खत्म कर तानाशाही और इंस्पेक्टर राज स्थापित करने की कोशिश की जा रही है, जिससे जनता के पास न तो वोट का अधिकार बचेगा और न ही अपनी आवाज उठाने का हक।
‘ट्रैक्टर और दलबल के साथ दिल्ली पहुंचें’, प्रशासन को सीधी चुनौती
युवा नेता अनुज सिंह ने सिर्फ जुबानी हमला ही नहीं बोला, बल्कि प्रशासन को चेतावनी देते हुए अपने समर्थकों से भारी संख्या में दिल्ली पहुंचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि 10 अक्टूबर को होने वाला यह विरोध प्रदर्शन सिर्फ सीजेपी का नहीं, बल्कि देश के हर उस नागरिक का है जो वोट की ताकत से सरकार बनाना और गिराना जानता है। आंदोलनकारियों ने दिल्ली पुलिस को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि वे किसानों के रास्ते में रुकावट डालने या टकराव की कोशिश न करें, क्योंकि किसानों के ट्रैक्टर हर बैरिकेड को पार करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
सीजेपी ने जताया आभार, देशव्यापी आंदोलन बनने के पूरे आसार
राकेश टिकैत और भारतीय किसान यूनियन द्वारा इस प्रदर्शन को समर्थन मिलने के बाद सीजेपी संगठन ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। संगठन की ओर से राकेश टिकैत और बीकेयू का आभार जताते हुए कहा गया है कि यह समर्थन देश के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की लड़ाई को और मजबूत करेगा। चूंकि सीजेपी का अभी औपचारिक राजनीतिक गठन नहीं हुआ है, इसलिए इसे विशुद्ध रूप से नागरिकों के अधिकारों की लड़ाई बताया जा रहा है। अब देखने यह होगा कि 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर यह प्रदर्शन कितना उग्र रूप लेता है और प्रशासन इससे निपटने के लिए क्या रणनीति अपनाता है।
Read more-राज्यसभा चुनाव के बहाने CM योगी ने 2027 का बता दिया सियासी गणित? 80-20 पर दिया बड़ा बयान
