जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान मारपीट के आरोपों का सामना कर रहे स्वतंत्र भारद्वाज को अदालत से बड़ी राहत मिली है। पटियाला हाउस कोर्ट ने उनकी नियमित जमानत याचिका मंजूर कर ली है। इससे पहले स्वतंत्र भारद्वाज को अदालत ने अंतरिम जमानत दी थी, जिसके दौरान उनके व्यवहार और आचरण पर नजर रखी गई। अब अंतरिम राहत की अवधि पूरी होने के बाद अदालत ने उन्हें नियमित जमानत देने का फैसला किया है।
निशु आजाद के पिता से मारपीट का है आरोप
यह मामला कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान हुई कथित मारपीट से जुड़ा है। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता के साथ मारपीट की गई थी। इसी मामले में स्वतंत्र भारद्वाज को आरोपी बनाया गया था। मामले में पुलिस ने जांच के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की और उन्हें उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ मारपीट के साथ-साथ जातिगत टिप्पणी से जुड़े आरोप भी लगाए गए हैं।
पहले तीन सप्ताह की मिली थी अंतरिम जमानत
मामले की पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने स्वतंत्र भारद्वाज को तीन सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत दी थी। कोर्ट ने उस समय यह स्पष्ट किया था कि अंतरिम जमानत के दौरान उनके आचरण को देखते हुए आगे नियमित जमानत पर फैसला लिया जाएगा। इस अवधि के दौरान किसी तरह की नई परेशानी सामने न आने के बाद अब अदालत ने उनकी नियमित जमानत मंजूर कर दी है। हालांकि, अदालत ने जमानत के साथ कुछ शर्तें भी तय की हैं।
जमानत मिली, लेकिन शर्तों का पालन करना होगा
अदालत के इस फैसले के बाद फिलहाल स्वतंत्र भारद्वाज को जेल में नहीं रहना होगा। हालांकि, उन्हें कोर्ट की ओर से तय की गई शर्तों का पालन करना पड़ेगा। जमानत से जुड़ी सभी शर्तों का विस्तृत विवरण अदालत के आदेश में सामने आएगा। इस मामले में पुलिस ने स्वतंत्र के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिनियम (SC/ST Act) समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया था। अब नियमित जमानत मिलने के बाद मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे जारी रहेगी।
Read More-फ्लाईदुबई को-पायलट का खौफनाक खुलासा: “शहीद होकर मरना चाहता था…!”
