बिहार सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ा बदलाव किया है। वरिष्ठ अधिकारी दीपक कुमार को मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव की जिम्मेदारी से हटा दिया गया है। सरकार ने उन्हें अब बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। दीपक कुमार लंबे समय से बिहार के प्रशासनिक ढांचे में महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय से उनकी जिम्मेदारी बदले जाने के बाद इस फैसले की चर्चा शुरू हो गई है।
नीतीश कुमार के समय भी संभाली थी बड़ी जिम्मेदारी
दीपक कुमार का नाम बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था में लंबे समय से जाना जाता है। वह बिहार के मुख्य सचिव की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। 2021 में सेवा से रिटायर होने के बाद उन्हें तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रधान सचिव की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बाद से वह मुख्यमंत्री कार्यालय के कामकाज में अहम भूमिका निभाते रहे। यही वजह है कि उनके पद में बदलाव को प्रशासनिक हलकों में महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है।
अब आपदा प्रबंधन से जुड़े काम संभालेंगे
नई जिम्मेदारी मिलने के बाद दीपक कुमार अब बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में उपाध्यक्ष के रूप में काम करेंगे। इस संस्था का काम राज्य में बाढ़, सूखा, भूकंप और दूसरी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारी और राहत व्यवस्था से जुड़ा होता है। बिहार में हर साल बाढ़ समेत कई प्राकृतिक आपदाओं की चुनौती रहती है। ऐसे में प्रशासनिक अनुभव रखने वाले अधिकारी को इस जिम्मेदारी में लगाया जाना अहम माना जा रहा है।
सरकार ने नहीं बताई बदलाव की वजह
दीपक कुमार को मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव पद से हटाने के पीछे सरकार की ओर से कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है। इसलिए इस बदलाव को लेकर चर्चाएं जरूर हैं, लेकिन बिना आधिकारिक जानकारी के इसके पीछे किसी खास वजह का दावा करना सही नहीं होगा। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री कार्यालय की उनकी पुरानी जिम्मेदारी खत्म हो गई है और अब वह आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में अपनी सेवाएं देंगे। उनके अनुभव का इस्तेमाल राज्य की आपदा तैयारी और राहत व्यवस्था को बेहतर बनाने में किया जा सकता है।
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