Mumbai News: मुंबई के मालाड के कुरार इलाके में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक बुजुर्ग व्यक्ति का शव करीब चार साल तक एक बंद पड़े मेडिकल सेंटर के फ्रीजर में रखा मिला। पुलिस की जांच में सामने आया कि परिवार ने भावनात्मक लगाव के चलते शव को सुरक्षित रखने का फैसला किया था। बुजुर्ग की मौत वर्ष 2022 में प्राकृतिक कारणों से हुई थी और परिवार के पास इससे जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। पुलिस को मामले में किसी तरह की आपराधिक साजिश के संकेत नहीं मिले हैं।
अमेरिका भेजने की थी तैयारी
पुलिस के मुताबिक, परिवार शव को लंबे समय तक सुरक्षित रखना चाहता था और इसके लिए अमेरिका की एक संस्था से संपर्क करने की कोशिश भी की गई थी। परिवार की योजना शव को विदेश भेजकर क्रायोनिक्स जैसी व्यवस्था में संरक्षित कराने की थी। हालांकि, जरूरी कानूनी प्रक्रिया और दूसरी अड़चनों के कारण यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी। इसके बाद शव को स्थानीय स्तर पर फ्रीजर में रखा गया। यह सेंटर करीब एक महीने से बंद था और बाद में वहां से दुर्गंध आने की सूचना मिलने पर पुलिस को मामले की जानकारी हुई।
फ्रीजर खुला तो पुलिस भी रह गई हैरान
कुरार पुलिस ने सूचना मिलने के बाद सेंटर की जांच की तो फ्रीजर के अंदर शव मिला। इसके बाद परिवार से संपर्क किया गया और मौत से संबंधित कागजात की जांच शुरू की गई। पुलिस अब शव को इतने लंबे समय तक सुरक्षित रखने की प्रक्रिया और इससे जुड़े कानूनी पहलुओं को समझने के लिए विशेषज्ञों की मदद ले रही है। फिलहाल पुलिस ने इसे हत्या का मामला नहीं माना है और जांच में किसी तरह की फाउल प्ले की बात सामने नहीं आई है।
क्रायोनिक्स क्या है और क्या सच में वापस आ सकता है जीवन?
क्रायोनिक्स में मृत व्यक्ति के शरीर को बेहद कम तापमान पर सुरक्षित रखने की कोशिश की जाती है, इस उम्मीद के साथ कि भविष्य में विज्ञान इतनी तरक्की कर सकता है कि शरीर को दोबारा जीवित करने का कोई तरीका मिल जाए। लेकिन आज की चिकित्सा विज्ञान में क्रायोनिक्स से किसी मृत इंसान को दोबारा जीवित करने की प्रमाणित तकनीक मौजूद नहीं है। मुंबई की इस घटना ने एक परिवार के गहरे भावनात्मक लगाव और विज्ञान से जुड़ी भविष्य की उम्मीद को सामने ला दिया है।
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