अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) की टीम सक्रिय हुई है। 24 से 29 सितंबर के बीच मंदिर परिसर में सुरक्षा से जुड़ी कई बैठकों और समीक्षा गतिविधियों का दौर चल रहा है। NSG कमांडो स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था में तैनात अधिकारियों के साथ समन्वय कर मौजूदा इंतजामों को परख रहे हैं। इस दौरान मंदिर की सुरक्षा से जुड़े अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा की जा रही है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के अयोध्या पहुंचने को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों के सामने भीड़ प्रबंधन और किसी भी आपात स्थिति में तेज प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने की चुनौती रहती है। ऐसे में NSG की मौजूदगी को सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
तीन दिनों से मॉक ड्रिल, आपात स्थिति में तैयारी परखी गई
राम मंदिर परिसर में पिछले करीब तीन दिनों से मॉक ड्रिल भी आयोजित की जा रही है। इस अभ्यास का उद्देश्य किसी संभावित आपात स्थिति के दौरान सुरक्षा एजेंसियां कितनी तेजी और बेहतर तालमेल के साथ काम कर सकती हैं, इसे जांचना है। मॉक ड्रिल के दौरान सुरक्षा से जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच आपसी समन्वय को परखा जा रहा है। साथ ही परिसर में आने-जाने वाले लोगों की सुरक्षा और महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनाती से जुड़े इंतजामों की समीक्षा भी की जा रही है। इस तरह के अभ्यास वास्तविक घटना होने पर सुरक्षा बलों को अपनी भूमिका स्पष्ट रखने और अलग-अलग एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बनाने में मदद करते हैं।
सुरक्षा एजेंसियों के बीच तालमेल पर खास जोर
राम मंदिर में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को केवल सुरक्षाकर्मियों की तैनाती तक सीमित रखने के बजाय निगरानी, तकनीक और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल पर भी ध्यान दिया जा रहा है। NSG की टीम सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक कर मौजूदा व्यवस्था को समझ रही है और जरूरत के मुताबिक तैयारियों की समीक्षा कर रही है। सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों के बीच होने वाली बैठकों में आपात परिस्थितियों से निपटने की क्षमता और व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने जैसे विषयों पर ध्यान दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य किसी भी चुनौती की स्थिति में अलग-अलग सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखना है।
अयोध्या में NSG हब की तैयारी, आगे और मजबूत होगा सुरक्षा तंत्र
अयोध्या में NSG का हब तैयार किए जाने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ने की जानकारी सामने आई है। यदि यह व्यवस्था तैयार होती है तो शहर और आसपास के महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा तैयारियों में NSG की भूमिका और बढ़ सकती है। फिलहाल राम मंदिर परिसर में चल रही समीक्षा और मॉक ड्रिल को इसी व्यापक सुरक्षा तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां मौजूदा इंतजामों को परखने के साथ भविष्य की जरूरतों पर भी नजर रख रही हैं। मंदिर में लगातार बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए सुरक्षा तंत्र को आधुनिक तकनीक, निगरानी व्यवस्था और एजेंसियों के बीच समन्वय के जरिए मजबूत करने की कवायद जारी है। NSG की सक्रियता से यह साफ है कि राम मंदिर की सुरक्षा को लेकर तैयारियों में किसी तरह की लापरवाही न हो, इस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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