Divya Mittal: उत्तर प्रदेश कैडर की पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल (Divya Mittal) ने प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने के बाद अपने अगले कदम को लेकर चल रही चर्चाओं पर अब स्थिति साफ कर दी है। 29 सितंबर की सुबह सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में उन्होंने कहा कि वह राजनीति में आकर उन लोगों की आवाज बनना चाहती हैं, जिनकी बात अक्सर सरकारी दफ्तरों तक नहीं पहुंच पाती या पहुंचने के बाद भी सुनी नहीं जाती। उन्होंने यह भी कहा कि वह उत्तर प्रदेश से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करेंगी और फिलहाल किसी राजनीतिक दल के साथ जुड़ने के बजाय अकेले आगे बढ़ने की बात कही है।
IAS की नौकरी छोड़ी, फिर बढ़ गया था सस्पेंस
दिव्या मित्तल (Divya Mittal) ने 30 अगस्त 2026 को IAS सेवा से इस्तीफा देने का ऐलान किया था। उनका इस्तीफा 15 सितंबर से प्रभावी हो गया, जिसके साथ करीब 13 साल का प्रशासनिक करियर खत्म हुआ। इस्तीफे के बाद उनके अगले कदम को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं। किसी ने राजनीति में जाने की बात कही तो किसी ने विदेश लौटने, कोचिंग या किताब लिखने की संभावना जताई। खुद दिव्या मित्तल (Divya Mittal) ने 27 सितंबर को सोशल मीडिया पर इन सभी चर्चाओं का जिक्र करते हुए कहा था कि वह 29 सितंबर की सुबह अपने आगे के रास्ते के बारे में बताएंगी।
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मिर्जापुर समेत कई जिलों में संभाली बड़ी जिम्मेदारी
दिव्या मित्तल (Divya Mittal) 2013 बैच की IAS अधिकारी रही हैं। प्रशासनिक सेवा में आने के बाद उनकी पहली पोस्टिंग मेरठ में संयुक्त मजिस्ट्रेट के तौर पर हुई थी। इसके बाद उन्होंने गोंडा में मुख्य विकास अधिकारी, कानपुर में यूपीएसआईडीसी की संयुक्त प्रबंध निदेशक और बरेली विकास प्राधिकरण में जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2020 में वह संत कबीरनगर की जिलाधिकारी बनीं। इसके बाद 2022 में मिर्जापुर और 2024 में देवरिया की डीएम रहीं। मई 2026 में उन्हें लखनऊ में राजस्व विभाग का विशेष सचिव बनाया गया था, जो उनकी आखिरी सरकारी पोस्टिंग रही। मिर्जापुर में डीएम रहते हुए लहुरियादह जैसे दूरस्थ गांव तक पाइपलाइन से पानी पहुंचाने की पहल को लेकर भी उनका नाम चर्चा में आया था।
IIT-IIM से पढ़ाई, दो बार UPSC में सफलता
दिव्या मित्तल (Divya Mittal) ने IIT दिल्ली से पढ़ाई की और IIM बेंगलुरु से MBA किया। सिविल सेवा में आने से पहले उन्होंने लंदन में नौकरी भी की थी। उन्होंने UPSC की परीक्षा दो बार पास की। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक 2011 में उन्हें 134वीं रैंक के साथ IPS सेवा मिली, जबकि 2012 की परीक्षा में 68वीं रैंक हासिल करने के बाद वह IAS बनीं। उनके पति गगनदीप सिंह भी पूर्व सिविल सेवक रहे हैं। अब IAS छोड़ने के बाद दिव्या मित्तल (Divya Mittal) ने राजनीति में आने की अपनी योजना सार्वजनिक कर दी है। उन्होंने लोगों से अपनी बात साझा करने और उनसे जुड़ने की अपील भी की है।
