बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) से जुड़े महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में कोर्ट की कार्रवाई एक बार फिर आगे बढ़ गई है। चार महिला पहलवानों ने उस फैसले के खिलाफ सेशंस कोर्ट का रुख किया है, जिसमें बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) को आरोपों से बरी किया गया था। उनकी अपील पर राउज एवेन्यू कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है।
पहलवानों ने फैसले पर उठाए सवाल
महिला पहलवानों की ओर से दाखिल अपील में निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी गई है। उनका कहना है कि मामले में सामने आए तथ्यों और बयानों का सही तरीके से आकलन नहीं किया गया। अपील में विनोद तोमर को आपराधिक धमकी के आरोप से बरी किए जाने के फैसले को भी चुनौती दी गई है। अब सेशंस कोर्ट में इस अपील पर आगे की सुनवाई होगी।
2023 के प्रदर्शन से शुरू हुआ था मामला
यह पूरा विवाद 2023 में उस समय सामने आया था, जब महिला पहलवानों ने तत्कालीन WFI अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh)के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच करते हुए बृजभूषण सिंह समेत अन्य लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। मामले में IPC की धारा 354, 354A, 354D और 506 के तहत आरोप लगाए गए थे।
अब 9 अक्टूबर पर टिकी नजर
अगस्त 2026 में राउज एवेन्यू कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) और विनोद तोमर समेत आरोपियों को बरी कर दिया था। अदालत ने सबूतों की कमी और गवाहों के बयानों में विरोधाभास को फैसले का आधार बताया था। अब चार महिला पहलवानों की अपील के बाद मामले में नया कानूनी चरण शुरू हुआ है। कोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को होगी।
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