उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की 10 सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर बीजेपी (BJP) में संभावित उम्मीदवारों के नाम पर चर्चा तेज हो गई है। चुनाव में अभी समय है, लेकिन पार्टी के अंदर पुराने चेहरों को दोबारा मौका देने और नए नेताओं को संसद भेजने को लेकर मंथन की खबरें सामने आ रही हैं। मौजूदा राजनीतिक स्थिति के आधार पर बीजेपी के खाते में इनमें से कई सीटें जाने की संभावना बताई जा रही है। ऐसे में पार्टी के सामने उम्मीदवारों का चयन अहम होगा। यूपी से बीजेपी (BJP) के कई मौजूदा राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल खत्म होने वाला है। इनमें अरुण सिंह, गीता शाक्य, नीरज शेखर, बृजलाल, बीएल वर्मा, सीमा द्विवेदी और हरदीप सिंह पुरी के नाम शामिल हैं। वहीं दिनेश शर्मा के अंडमान और निकोबार के उपराज्यपाल बनने के बाद उनकी राज्यसभा सीट पहले ही खाली हो चुकी है।
मंत्री बने रहे तो इन नामों पर फिर लग सकता है दांव
संभावित उम्मीदवारों की चर्चा में केंद्र सरकार के दो मौजूदा मंत्रियों के नाम भी शामिल हैं। बीएल वर्मा और हरदीप सिंह पुरी का राज्यसभा कार्यकाल खत्म होने वाला है। अगर दोनों मंत्री आगे भी केंद्रीय मंत्रिपरिषद में बने रहते हैं तो उन्हें दोबारा राज्यसभा भेजे जाने की संभावना पर चर्चा हो रही है। बीएल वर्मा यूपी की राजनीति में ओबीसी और लोधी समाज के प्रमुख चेहरों में गिने जाते हैं। वहीं हरदीप सिंह पुरी लंबे समय से केंद्र की राजनीति में सक्रिय हैं। उनकी उम्र और पंजाब की राजनीतिक परिस्थितियां भी चर्चा का हिस्सा हैं। हालांकि, इन नामों को लेकर अंतिम फैसला बीजेपी (BJP) नेतृत्व को करना है। उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची सामने आने तक सभी नामों को संभावित दावेदारों के तौर पर ही देखा जा रहा है।
स्मृति ईरानी से लेकर हरिश द्विवेदी तक कई नाम चर्चा में
बीजेपी (BJP) की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी का नाम भी यूपी से राज्यसभा भेजे जाने की चर्चा में है। स्मृति ईरानी पहले केंद्र सरकार में मंत्री रह चुकी हैं और पार्टी संगठन में भी उन्हें जिम्मेदारी मिली हुई है। इसके अलावा बीजेपी (BJP) के प्रमुख ब्राह्मण चेहरों में शामिल हरिश द्विवेदी के नाम पर भी चर्चा की जा रही है। पूर्व यूपी डीजीपी बृजलाल का कार्यकाल भी समाप्त होने वाला है। दलित समाज से आने वाले बृजलाल लंबे समय से बीजेपी (BJP)से जुड़े हुए हैं। सीमा द्विवेदी और गीता शाक्य के नाम भी संभावित सूची में बताए जा रहे हैं। सीमा द्विवेदी जौनपुर से विधायक रह चुकी हैं, जबकि गीता शाक्य बीजेपी (BJP) के ओबीसी मोर्चे की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। ऐसे में पार्टी संगठन और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखकर नामों पर विचार किए जाने की बात कही जा रही है।
नीरज शेखर और अरुण सिंह पर भी टिकी नजर
पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बेटे नीरज शेखर भी संभावित नामों में हैं। बीजेपी (BJP) में शामिल होने के बाद पार्टी ने उन्हें राज्यसभा भेजा था और अब उनके अगले कार्यकाल को लेकर फैसला होना बाकी है। इसके अलावा पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह का नाम भी चर्चा में है। उन्होंने संगठन में लंबे समय तक जिम्मेदारियां संभाली हैं। फिलहाल संभावित नामों को लेकर पार्टी के भीतर अलग-अलग स्तर पर चर्चा चल रही है। कुछ सीटों पर मौजूदा सांसदों को दोबारा मौका देने और कुछ पर नए चेहरों को आगे बढ़ाने की चर्चा है। हालांकि, कौन नेता राज्यसभा जाएगा, यह बीजेपी (BJP) की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा। अभी सामने आ रहे नामों को संभावित दावेदारों की सूची के तौर पर ही देखा जा रहा है।
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