कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) एक बार फिर दिल्ली पहुंच रहे हैं। चुनाव आयोग और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर जारी विवाद के बीच CJP ने गुरुवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने का ऐलान किया है। संगठन के मुताबिक, इस कार्यक्रम में अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) के साथ सौरव दास और आशुतोष रांका भी शामिल होंगे। CJP ने अपने पहले से तय कार्यक्रमों को बदलकर चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही है। रिपोर्टों के अनुसार, प्रेस कॉन्फ्रेंस का फोकस चुनाव प्रक्रिया और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े सवालों पर रहने वाला है।
सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ी हलचल
दिल्ली रवाना होने से पहले अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) ने सोशल मीडिया पर अपनी यात्रा की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि वह महाराष्ट्र-गुजरात सीमा के पास थे, लेकिन दिल्ली में होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए उन्हें वापस लौटना पड़ा। CJP की ओर से कहा गया है कि संगठन अब चुनाव आयोग के कामकाज और मतदान के अधिकार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगा। हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस में आगे किसी आंदोलन की घोषणा होगी या नहीं, इसकी पूरी जानकारी कार्यक्रम से पहले स्पष्ट नहीं की गई है। CJP ने इससे पहले भी दिल्ली में चुनाव से जुड़े मुद्दों को लेकर अभियान चलाया है।
Was on the border of Maharashtra and Gujarat but now heading back to catch a flight to Delhi (6hr drive).
But Gyanesh, you’re totally worth the hustle bro… https://t.co/4H6yXVvYsX pic.twitter.com/pjBjJhkxOm
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) September 23, 2026
14 आपत्तियों की रिपोर्ट के बाद गरमाया SIR विवाद
अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) का यह कार्यक्रम ऐसे समय हो रहा है, जब द इंडियन एक्सप्रेस की एक जांच रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में आयोग के फैसलों और प्रक्रियाओं को लेकर कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्तियां दर्ज कीं। रिपोर्ट में मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने, नाम बहाल करने, नए मतदाताओं के लिए Form 6 में बदलाव और SIR से जुड़े कुछ मामलों का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट सामने आने के बाद चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक बहस तेज हुई और विपक्षी दलों ने अलग-अलग मांगें उठाईं। हालांकि, इन आपत्तियों की व्याख्या और उनके प्रभाव को लेकर चुनाव आयोग का पक्ष अलग है।
चुनाव आयोग का जवाब भी आया सामने
विवाद के बीच चुनाव आयोग के अधिकारियों ने कहा है कि आयोग के भीतर किसी मुद्दे पर अलग-अलग राय या सुझाव आना विचार-विमर्श की प्रक्रिया का हिस्सा है। आयोग का कहना है कि SIR समेत उसके अंतिम फैसले सभी तीन चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से सर्वसम्मति से लिए गए हैं। ऐसे में अब दिल्ली में होने वाली CJP की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर नजर रहेगी कि संगठन चुनाव आयोग से जुड़े कौन से मुद्दे सामने रखता है और आगे की रणनीति क्या बताता है। फिलहाल आंदोलन को लेकर किसी अंतिम कार्यक्रम की पुष्टि CJP की ओर से नहीं की गई है।
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