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KGMU नर्सिंग कॉलेज में छात्रा की मौत के बाद बवाल, प्रिंसिपल ने दिया इस्तीफा; अब किसको हटाने की मांग

KGMU Nursing College में छात्रा दिव्यांशी यादव की मौत के बाद छात्रों का प्रदर्शन तेज हो गया। प्रिंसिपल ने इस्तीफा दिया, अब डीन से भी इस्तीफे की मांग हो रही है।

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KGMU Nursing College News: लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में नर्सिंग छात्रा की मौत के बाद छात्रों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया। सोमवार को नर्सिंग कॉलेज के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं विभाग में जुटे और धरने पर बैठ गए। करीब 13 घंटे तक चले प्रदर्शन के बीच देर शाम नर्सिंग कॉलेज की प्रिंसिपल सूचना राय भौमिक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि, प्रिंसिपल के इस्तीफे के बाद भी छात्रों का आंदोलन खत्म नहीं हुआ। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने अब डीन नर्सिंग डॉ. अमिता पांडेय मिश्रा के इस्तीफे की मांग शुरू कर दी है। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, वे प्रदर्शन समाप्त नहीं करेंगे। इस दौरान KGMU परिसर में छात्रों की भीड़ और लगातार विरोध के कारण स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी रही।

हॉस्टल में कई छात्र बीमार होने का दावा

KGMU Nursing College में प्रदर्शन कर रहे नर्सिंग छात्रों ने हॉस्टल में रहने वाले कई छात्र-छात्राओं की तबीयत खराब होने का मुद्दा भी उठाया। छात्रों के मुताबिक, हॉस्टल के करीब सात स्टूडेंट्स बीमार हैं। इनमें आकक्षी, आयुषी कुमारी, सत्यम सिंह समेत अन्य छात्र-छात्राओं के नाम बताए गए हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि बीमार होने के बावजूद कुछ छात्रों की वार्ड में ड्यूटी लगाई जा रही है। छात्रों का कहना है कि इस स्थिति को लेकर पहले भी चिंता जताई गई थी, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। इसी बीच 2025 बैच की छात्रा दिव्यांशी यादव की बीमारी के बाद हुई मौत ने छात्रों के आक्रोश को और बढ़ा दिया। छात्रों का आरोप है कि बीमारी के दौरान दिव्यांशी को छुट्टी नहीं दी गई, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ती चली गई। हालांकि, KGMU प्रशासन की ओर से मामले को लेकर अलग पक्ष सामने रखा गया है।

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डेंगू की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद वाराणसी ले गए थे परिजन

जानकारी के मुताबिक, बनारस की रहने वाली दिव्यांशी यादव को 11 सितंबर को बुखार आया था। इसके बाद साथी छात्राएं उसे KGMU के मेडिसिन विभाग की OPD में लेकर गई थीं, जहां डॉक्टरों ने उसकी जांच की। 16 सितंबर को डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड सहित अन्य बीमारियों से जुड़ी जांच कराई गई। दी गई जानकारी के अनुसार, दिव्यांशी की डेंगू रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। छात्रों का आरोप है कि उसकी तबीयत खराब होने के बावजूद छुट्टी की मांग पूरी नहीं की गई। इसके बाद 17 सितंबर की शाम उसके माता-पिता हॉस्टल पहुंचे और उसे अपने साथ वाराणसी ले गए। वहां एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान दिव्यांशी की मौत हो गई। छात्रों ने इसी घटना को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है और नर्सिंग व्यवस्था से जुड़े नियमों के पालन पर सवाल खड़े किए हैं।

 KGMU प्रवक्ता ने कहा- घटना दुर्भाग्यपूर्ण, हॉस्टल व्यवस्था में सुधार जारी

KGMU Nursing College प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने छात्रा की मौत को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उनके मुताबिक, बीमारी के दौरान छात्रा को मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ डॉक्टर ने देखा था और उसकी जांचें कराई गई थीं। प्रवक्ता ने कहा कि ज्यादातर रिपोर्ट सामान्य आई थीं और बाद में परिवार छात्रा को इलाज के लिए वाराणसी लेकर चला गया था। उन्होंने यह भी बताया कि हॉस्टल की व्यवस्थाओं को बेहतर करने की दिशा में काम किया जा रहा है। प्रदर्शन के दबाव में प्रिंसिपल और डीन का इस्तीफा देना उचित नहीं होने की बात भी प्रवक्ता ने कही। दूसरी ओर, प्रदर्शनकारी छात्र अपनी मांगों पर कायम हैं। छात्रों का कहना है कि मामले में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और नर्सिंग कॉलेज में पढ़ाई, हॉस्टल तथा ड्यूटी से जुड़ी व्यवस्थाओं में सुधार किया जाना चाहिए। फिलहाल छात्रों का प्रदर्शन और प्रशासन के साथ बातचीत इस मामले में आगे की दिशा तय करेगी।

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