मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम के महंत पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर अपनी खड़ाऊ को लेकर चर्चा में हैं। दरअसल, उनकी खड़ाऊ को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की बातें सामने आई थीं। इस पर धीरेंद्र शास्त्री ने सफाई देते हुए कहा कि उनकी खड़ाऊ असल में लकड़ी की थी, जिस पर सुनहरे रंग की परत चढ़ी हुई थी। उन्होंने कहा कि लोगों ने इसे सोने की खड़ाऊ समझकर चर्चा शुरू कर दी। इसी मामले पर अब उन्होंने अपने अंदाज में जवाब दिया है।
बोले- अब सोने की खड़ाऊ ही बनवा लेंगे
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि लोग गलत बात कहकर भी उनकी ही चर्चा आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अब वह सोने की खड़ाऊ बनवाने के लिए अपने एक चेले से कह चुके हैं और जल्द ही यह तैयार भी हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनकी सोने की खड़ाऊ को लेकर फिर विरोध या ट्रोलिंग हुई तो वह अगली बार हीरे की खड़ाऊ बुक कराएंगे। उनके इस बयान के बाद ‘डायमंड की खड़ाऊ’ वाली बात चर्चा में आ गई है।
बोले- विरोध हुआ तो डायमंड की खड़ाऊ पहनेंगे
धीरेंद्र शास्त्री ने अपने बयान में कहा कि अगर सोने की खड़ाऊ को लेकर भी लोगों ने आपत्ति जताई तो वह डायमंड की खड़ाऊ पहनने की बात पर विचार करेंगे। उन्होंने कहा कि किसी चेले का काम बन जाने पर वह अपनी तरफ से ऐसी खड़ाऊ भेंट कर सकता है। धीरेंद्र शास्त्री ने इसे अपने अंदाज में समझाते हुए कहा कि उन्हें इस तरह की बातों से परेशानी नहीं है और वह विरोध करने वालों को भी अपने जवाब से चौंकाने का काम करेंगे।
‘मोह-माया छोड़ने वाले बाबा नहीं हैं’
अपने बयान के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने यह भी कहा कि वह ऐसे बाबा नहीं हैं जो मोह-माया छोड़ने की बात करें। उन्होंने कहा कि वह लोगों को खूब कमाने और उस कमाई का इस्तेमाल परमार्थ के काम में करने की बात कहते हैं। उनका कहना था कि हर व्यक्ति को मेहनत करके कमाना चाहिए और जरूरतमंदों की मदद के लिए उसका उपयोग करना चाहिए। खड़ाऊ को लेकर दिया गया उनका यह बयान अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
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