महाराष्ट्र के नासिक जिले के निफाड में आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों ने अनोखे तरीके से विरोध जताया। गुस्साए प्रदर्शनकारी चार-पांच पिल्लों को बोरियों में लेकर नगर पंचायत कार्यालय पहुंच गए। यहां उन्होंने पिल्लों को चीफ ऑफिसर धीरज भामरे के दफ्तर में छोड़ दिया। प्रदर्शनकारियों ने अधिकारी को नोटों की माला पहनाने की कोशिश भी की। इस दौरान कार्यालय में काफी हंगामा हुआ और कर्मचारियों तथा प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।
बोरी में पिल्ले लेकर नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे लोग
निफाड में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या से परेशान स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। युवा सेना के जिला प्रमुख विक्रम रंधावे के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी बोरियों में बंद पिल्लों को लेकर चीफ ऑफिसर के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने एक-एक करके पिल्लों को अधिकारी की मेज पर रख दिया। कार्यालय में मौजूद कर्मचारी इस घटना से हैरान रह गए। हंगामे के दौरान कुछ पिल्ले टेबल पर रखी फाइलों के बीच जाकर दुबक गए। बाद में कर्मचारियों ने उन्हें वहां से बाहर निकाला। प्रदर्शनकारियों ने नगर पंचायत के कामकाज पर सवाल उठाते हुए अधिकारी को नोटों की माला पहनाने का प्रयास किया, लेकिन कर्मचारियों ने उन्हें रोक दिया।
बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर जताई चिंता
युवा सेना के जिला अध्यक्ष विक्रम रंधावे ने आरोप लगाया कि निफाड शहर और आसपास के इलाकों में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उनके मुताबिक, कुत्तों के कारण बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि कई स्थानीय लोगों को कुत्तों के काटने की घटनाओं का सामना करना पड़ा है। रंधावे का कहना है कि इस समस्या को लेकर नगर पंचायत में कई बार शिकायतें और लिखित आवेदन दिए गए, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने प्रशासन पर लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए।
कर्मचारियों से हुई धक्का-मुक्की, अधिकारी ने दिया भरोसा
प्रदर्शन के दौरान युवा सेना नेता और नगर पंचायत कर्मचारियों के बीच कहासुनी के बाद धक्का-मुक्की भी हुई। कार्यालय में मौजूद लोगों के बीच कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो उन्हें इस तरह विरोध करना पड़ा। दूसरी ओर, चीफ ऑफिसर धीरज भामरे ने आवारा कुत्तों की समस्या पर जल्द आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि नगर पंचायत की ओर से कुत्तों पर नियंत्रण के लिए उपाय किए जाएंगे। हालांकि, प्रशासन की ओर से प्रस्तावित कार्रवाई की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
आवारा कुत्तों की समस्या पर प्रशासन की जिम्मेदारी
निफाड की घटना ने आवारा कुत्तों से जुड़ी नागरिक समस्याओं और नगर निकाय की जिम्मेदारी पर चर्चा छेड़ दी है। स्थानीय लोगों की मांग है कि कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण के साथ-साथ काटने की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था की जाए। ऐसे मामलों में पशु कल्याण और सार्वजनिक सुरक्षा, दोनों का ध्यान रखना जरूरी होता है। नगर पंचायत की ओर से दिए गए आश्वासन के बाद अब लोगों की नजर इस बात पर है कि प्रशासन समस्या के समाधान के लिए कब और क्या कदम उठाता है।
Read More-PM मोदी के जन्मदिन को लेकर ये क्या बोले CJP नेता आशुतोष रांका? कहा- ‘सारे काम छोड़कर…’
