उत्तर प्रदेश में पंचायत सहायकों के लिए योगी सरकार ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे सहायकों की सैलरी बढ़ाने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा नौकरी की सुरक्षा और आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों को लेकर भी सरकार ने कदम उठाने की बात कही है।
उत्तर प्रदेश में पंचायत सहायकों को अब हर महीने 9,000 रुपये मानदेय मिलेगा। सरकार ने मौजूदा 6,000 रुपये के मानदेय में 3,000 रुपये की बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है। यह घोषणा पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने की। बताया गया है कि मंत्री ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद यह फैसला सामने रखा। इससे प्रदेश के हजारों पंचायत सहायकों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, बढ़ा हुआ मानदेय किस तारीख से लागू होगा और भुगतान की प्रक्रिया क्या होगी, इसकी विस्तृत जानकारी संबंधित आदेश में स्पष्ट होगी।
ग्राम प्रधान और सचिव के अधिकारों में बदलाव
पंचायत सहायकों की नौकरी को लेकर भी सरकार ने अहम निर्णय की जानकारी दी है। मंत्री ओपी राजभर के अनुसार, अब ग्राम प्रधान या पंचायत सचिव अपने स्तर पर किसी पंचायत सहायक को पद से नहीं हटा सकेंगे। किसी सहायक को हटाने से पहले जिला मजिस्ट्रेट यानी डीएम के स्तर पर गठित जांच कमेटी की प्रक्रिया जरूरी होगी। इस बदलाव का उद्देश्य सहायकों को मनमाने तरीके से हटाए जाने से सुरक्षा देना है। सरकार ने यह भी बताया कि मानदेय सीधे पंचायत सहायकों के बैंक खातों में भेजा जाएगा।
57 हजार से अधिक सहायकों को मिलेगा लाभ
सरकार के इस फैसले से प्रदेश में काम कर रहे 57 हजार से ज्यादा पंचायत सहायकों को फायदा मिलने की बात कही गई है। इसके साथ ही आंदोलन के दौरान सहायकों के खिलाफ दर्ज किए गए मामलों को वापस लेने का ऐलान भी किया गया है। जिन पंचायत सहायकों को पहले पद से हटा दिया गया था, उनकी दोबारा बहाली की जाएगी। इन घोषणाओं से उन कर्मचारियों को राहत मिल सकती है, जो अपनी सेवा और रोजगार से जुड़ी समस्याओं को लेकर आंदोलन कर रहे थे। बहाली और मुकदमे वापस लेने की प्रक्रिया से जुड़ी शर्तों की जानकारी सरकारी आदेशों से स्पष्ट होगी।
24 अगस्त से लखनऊ में चल रहा था धरना
पंचायत सहायक 24 अगस्त से लखनऊ के ईको गार्डन में अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में मानदेय बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रतिमाह करना, संविदा व्यवस्था खत्म कर नौकरी को सुरक्षित बनाना और समय पर भुगतान शामिल है। पंचायती राज मंत्री ने आंदोलन कर रहे कुछ सहायकों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी थीं। इसके बाद सरकार की ओर से सैलरी बढ़ाने और अन्य मांगों पर फैसले की जानकारी दी गई। अब पंचायत सहायकों की नजर इस बात पर है कि घोषित फैसलों को लागू करने के लिए आधिकारिक आदेश कब जारी होते हैं।
