राजस्थान के नगरीय निकाय चुनावों में 10 नगर निगमों के नतीजे सामने आ गए हैं। चुनाव परिणामों में बीजेपी ने छह नगर निगमों में सबसे ज्यादा वार्ड जीते हैं, जबकि कांग्रेस तीन नगर निगमों में आगे रही। एक नगर निगम में अन्य प्रत्याशियों ने बढ़त बनाई है। कुल 855 वार्डों वाले इन चुनावों में बीजेपी को 385, कांग्रेस को 292 और अन्य प्रत्याशियों को 135 वार्डों में जीत मिली है। ये आंकड़े दिए गए मैटर के अनुसार हैं। जयपुर, जोधपुर और कोटा जैसे बड़े शहरों में बीजेपी का प्रदर्शन मजबूत रहा, वहीं बीकानेर, अजमेर और पाली में कांग्रेस ने बढ़त हासिल की। भरतपुर में निर्दलीय प्रत्याशियों ने सबसे ज्यादा सीटें जीतकर चुनावी समीकरण बदल दिए।
जयपुर और कोटा में बीजेपी की बड़ी बढ़त
राजधानी जयपुर नगर निगम में कुल 150 वार्ड हैं, जिनमें 130 के नतीजे घोषित किए गए हैं। बीजेपी ने 68 वार्डों में जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस को 48 और अन्य प्रत्याशियों को 14 सीटें मिलीं। कोटा नगर निगम में 100 में से 78 वार्डों के परिणाम घोषित हुए हैं। यहां बीजेपी ने 47 और कांग्रेस ने 29 सीटों पर जीत हासिल की। अन्य प्रत्याशियों के खाते में दो वार्ड गए। जोधपुर नगर निगम में 99 वार्डों के परिणाम घोषित हुए हैं। बीजेपी और कांग्रेस दोनों को 44-44 सीटें मिलीं, जबकि अन्य प्रत्याशियों ने 11 वार्ड जीते। जोधपुर में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के वार्ड से कांग्रेस के पिछड़ने और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के वार्ड से बीजेपी प्रत्याशी की हार ने खास चर्चा बटोरी है।
बीकानेर, अजमेर और पाली में कांग्रेस आगे
राजस्थान के कुछ नगर निगमों में कांग्रेस ने बीजेपी को पीछे छोड़ दिया। बीकानेर नगर निगम के सभी 80 वार्डों के परिणाम घोषित हुए हैं। कांग्रेस ने 42 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि बीजेपी को 27 और अन्य को 11 वार्ड मिले। अजमेर नगर निगम में भी कांग्रेस आगे रही। यहां कांग्रेस ने 37, बीजेपी ने 32 और अन्य प्रत्याशियों ने 11 वार्ड जीते। पाली नगर निगम के सभी 65 वार्डों में कांग्रेस को 29 सीटें मिलीं, जबकि बीजेपी 21 वार्डों पर जीत दर्ज कर सकी। अन्य प्रत्याशियों ने 15 सीटों पर कब्जा जमाया। इन परिणामों से साफ है कि शहरी निकाय चुनावों में कई शहरों में स्थानीय मुद्दों और प्रत्याशियों का प्रदर्शन राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण रहा।
उदयपुर और भीलवाड़ा में बीजेपी का दबदबा
उदयपुर नगर निगम के सभी 80 वार्डों के नतीजे घोषित हुए हैं। बीजेपी ने 53 सीटें जीतकर बड़ी बढ़त बनाई, जबकि कांग्रेस को 23 और अन्य को चार वार्ड मिले। भीलवाड़ा नगर निगम में बीजेपी ने 45 सीटों पर जीत हासिल की। अन्य प्रत्याशियों को 15 और कांग्रेस को 10 वार्ड मिले। अलवर नगर निगम के 65 वार्डों में बीजेपी को 28, कांग्रेस को 23 और अन्य को 14 सीटें मिलीं। भरतपुर नगर निगम में सबसे अलग तस्वीर सामने आई। यहां अन्य प्रत्याशियों ने 38 वार्ड जीते, जबकि बीजेपी को 20 और कांग्रेस को केवल सात सीटें मिलीं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के गृह जिले भरतपुर में निर्दलीयों की यह बढ़त चुनाव के प्रमुख परिणामों में शामिल है।
नगर परिषद और नगरपालिकाओं में भी मुकाबला
नगर निगमों के अलावा नगर परिषद और नगरपालिकाओं के नतीजों में भी बीजेपी और कांग्रेस के बीच मुकाबला देखने को मिला। दिए गए आंकड़ों के अनुसार, 45 नगर परिषदों में बीजेपी को 14 और कांग्रेस को छह जगह बहुमत मिला है। सात नगर परिषदों में निर्दलीय सबसे ज्यादा वार्ड जीतकर आगे रहे, जबकि 20 परिषदों में किसी भी दल को बहुमत नहीं मिला। 252 नगरपालिकाओं में बीजेपी को 67, कांग्रेस को 38 और निर्दलीयों को 16 जगह बहुमत मिला है। 131 नगरपालिकाओं में बहुमत का फैसला नहीं हो सका। ऐसे में कई निकायों में बोर्ड गठन के लिए निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम हो सकती है। राजस्थान के नगरीय निकाय चुनावों के परिणामों ने बीजेपी की बढ़त के साथ कांग्रेस की वापसी और स्थानीय राजनीति में निर्दलीयों के प्रभाव को भी सामने रखा है।
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