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BRICS डिनर में सिर्फ शाकाहारी खाना, राहुल गांधी ने छोले-भटूरे की फोटो से कसा तंज! जानें क्यों छिड़ी नई बहस

BRICS डिनर मेन्यू में सिर्फ शाकाहारी व्यंजन परोसे जाने पर राहुल गांधी ने छोले-भटूरे की फोटो शेयर कर तंज कसा। जानें डिनर में क्या-क्या था।

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BRICS समिट 2026 खत्म होने के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से आयोजित गाला डिनर का BRICS डिनर मेन्यू चर्चा में आ गया है। इस रात्रिभोज में विदेशी मेहमानों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों के लिए पूरी तरह शाकाहारी व्यंजन परोसे गए थे। मेन्यू में भारतीय स्वाद और पारंपरिक व्यंजनों को खास जगह दी गई थी। इसी को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने बिना किसी का नाम लिए सोशल मीडिया पर टिप्पणी की। उन्होंने छोले-भटूरे की तस्वीर शेयर करते हुए भारतीयों की खान-पान की आदतों और मांसाहारी भोजन को लेकर अपनी बात रखी। इसके बाद सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई।

राहुल गांधी ने छोले-भटूरे की तस्वीर के साथ क्या कहा?

राहुल गांधी (Rahul Gandhi)  ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर छोले-भटूरे की तस्वीर साझा की। अपनी पोस्ट में उन्होंने भारतीयों के मांसाहारी भोजन को लेकर एक आंकड़े का जिक्र किया और लिखा कि जानकारी के लिए बता दें, बड़ी संख्या में भारतीय मांसाहारी भोजन करते हैं। उन्होंने भारतीय नॉनवेज खाने को स्वादिष्ट बताते हुए अपनी बहन के हाथों से बनाए गए छोले-भटूरे का भी जिक्र किया। राहुल की इस पोस्ट को BRICS डिनर के पूरी तरह शाकाहारी मेन्यू से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि उनकी पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी या BRICS डिनर का सीधे तौर पर नाम नहीं लिया गया। इसके बावजूद राजनीतिक गलियारों में इसे डिनर के मेन्यू पर एक तंज के तौर पर देखा जा रहा है।

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क्या कहता है मांसाहारी भोजन से जुड़ा आंकड़ा?

राहुल गांधी (Rahul Gandhi)  की पोस्ट में भारतीयों के खान-पान को लेकर आंकड़े का उल्लेख किया गया है। उपलब्ध नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के पिछले आंकड़ों के मुताबिक 2019-21 के दौरान 15 से 49 वर्ष की उम्र के 83.4 प्रतिशत पुरुषों और 70.6 प्रतिशत महिलाओं ने बताया था कि वे कभी न कभी मछली, चिकन या मीट का सेवन करते हैं। वहीं 2023-24 के ताजा सर्वे में मांसाहारी भोजन करने वालों को लेकर इसी तरह का तुलनात्मक आंकड़ा उपलब्ध नहीं कराया गया है। ऐसे में सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों को समझते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि अलग-अलग सर्वे में सवाल और आंकड़े अलग हो सकते हैं। यही वजह है कि BRICS डिनर के मेन्यू को लेकर अब राजनीतिक बहस के साथ आंकड़ों की चर्चा भी शुरू हो गई है।

BRICS डिनर में क्या-क्या परोसा गया था?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से आयोजित गाला डिनर में भारतीय खान-पान और स्थानीय स्वाद को प्रमुखता दी गई। मेन्यू में खांडवी, पनीर लबाबदार, गुच्छी मार्मिक, मिलेट पुलाव, मशरूम गलौटी और जलेबी जैसे कई शाकाहारी व्यंजन शामिल थे। भोजन में मोटे अनाज यानी मिलेट्स पर भी खास ध्यान दिया गया। इसे भारत की श्री अन्न को बढ़ावा देने और टिकाऊ खान-पान की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से जोड़कर देखा गया। अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के लिए तैयार इस मेन्यू के जरिए भारतीय व्यंजनों की विविधता पेश करने की कोशिश की गई। अब BRICS समिट के बाद यही डिनर मेन्यू राजनीतिक बहस का विषय बन गया है और राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की पोस्ट ने इस चर्चा को और हवा दे दी है।

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