BRICS Summit 2026: राजधानी दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन का सबसे अहम दिन शनिवार से शुरू हो गया है। BRICS Summit 2026 में भारत की अध्यक्षता में ग्लोबल गवर्नेंस, बहुपक्षीय व्यवस्था, यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया के संकट जैसे बड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिनभर कई देशों के शीर्ष नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। इनमें चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ होने वाली शाम की मुलाकात पर खास नजर रहेगी।
सुबह से शुरू होगा PM मोदी का बैठकों का सिलसिला
प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को कई विदेशी नेताओं के साथ आमने-सामने बातचीत करेंगे। दिन की शुरुआत सुबह 10 बजे हैदराबाद हाउस में इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली के साथ बैठक से होगी। इसके करीब आधे घंटे बाद सुबह 10:30 बजे मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से मुलाकात होगी। इसके बाद 11 बजे अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बातचीत प्रस्तावित है। सुबह 11:30 बजे वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग के साथ बैठक होगी। इन मुलाकातों के दौरान आधिकारिक फोटो सेशन भी रखा गया है। इन बैठकों में द्विपक्षीय सहयोग के साथ व्यापार, विकास और क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत होने की उम्मीद है।
50% of humanity and 40% of global GDP.
Naturally, BRICS matters!
At the BRICS Business Forum, highlighted India’s approach of ‘Make in India, Innovate with India, Scale for the World.’
My other message…let’s make the next decade about action. Let us:
Remove the top 10 trade… pic.twitter.com/eua1rZ97qw
— Narendra Modi (@narendramodi) September 11, 2026
ईरान के राष्ट्रपति से बातचीत पर भी रहेगी नजर
शनिवार सुबह 11:30 बजे राष्ट्रपति भवन में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ प्रधानमंत्री मोदी की बैठक निर्धारित है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव को देखते हुए यह मुलाकात काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। क्षेत्र में संघर्ष का सीधा असर ऊर्जा आपूर्ति, व्यापार और समुद्री संपर्कों पर पड़ सकता है। भारत लगातार पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता की जरूरत पर जोर देता रहा है। ऐसे में दोनों नेताओं की बातचीत में क्षेत्रीय स्थिति के अलावा ऊर्जा और आर्थिक सहयोग से जुड़े मुद्दे भी प्रमुखता से उठ सकते हैं। BRICS के मंच पर ईरान की भूमिका बढ़ने के बीच भारत-ईरान बातचीत को भी कूटनीतिक नजरिए से अहम माना जा रहा है।
शाम 5:45 बजे जिनपिंग से होगी सबसे अहम मुलाकात
दिन की सबसे चर्चित बैठक शाम 5:45 बजे होगी, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भारत मंडपम में मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं के बीच होने वाली यह बैठक BRICS Summit 2026 की प्रमुख द्विपक्षीय बैठकों में शामिल है। भारत और चीन के रिश्तों में पिछले कुछ समय में संवाद बढ़ा है, इसलिए इस मुलाकात को लेकर कूटनीतिक हलकों में काफी दिलचस्पी है। दोनों देशों के बीच सीमा से जुड़े मुद्दों के साथ व्यापार और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे विषय महत्वपूर्ण हैं। बैठक से यह संकेत मिलने की उम्मीद है कि आने वाले समय में भारत-चीन संबंध किस दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। इस मुलाकात के लिए आधिकारिक फोटो सेशन निर्धारित नहीं है।
ग्लोबल साउथ पर भारत का पूरा फोकस
BRICS की अध्यक्षता के दौरान भारत ने विकासशील देशों की चुनौतियों को सम्मेलन के केंद्र में रखा है। यूक्रेन और पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों के कारण ऊर्जा कीमतों, खाद्य सुरक्षा, व्यापार और सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ रहा है। भारत चाहता है कि इन संकटों का असर ग्लोबल साउथ के देशों पर कम से कम पड़े। इसी वजह से ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और मजबूत सप्लाई चेन जैसे मुद्दों पर व्यावहारिक समाधान तलाशने पर जोर दिया जा रहा है। BRICS के विस्तार के बाद समूह का प्रभाव भी बढ़ा है। ऐसे में दिल्ली में होने वाला सम्मेलन भारत के लिए अपनी कूटनीतिक प्राथमिकताओं को मजबूती से रखने का बड़ा मंच है। शनिवार को होने वाली प्रधानमंत्री मोदी की लगातार बैठकों और खासकर जिनपिंग के साथ बातचीत से सम्मेलन की दिशा को लेकर महत्वपूर्ण संकेत मिल सकते हैं।
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