PM Modi-Xi Jinping Meeting: BRICS Summit 2026 के बीच भारत और चीन के रिश्तों को लेकर एक अहम संकेत सामने आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) की शनिवार को दिल्ली में द्विपक्षीय बैठक होने वाली है। इस मुलाकात से पहले चीन ने साफ किया है कि वह दोनों देशों के बीच मौजूद मतभेदों को बातचीत के जरिए सही तरीके से सुलझाने की दिशा में भारत के साथ काम करना चाहता है।
मुलाकात से पहले चीन ने दिया बड़ा बयान
चीनी राजदूत शू फेइहोंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि भारत और चीन दोनों देशों के नेता मोदी और शी जिनपिंग (Xi Jinping) की बैठक की तैयारियां कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कजान और तियानजिन में हुई पिछली मुलाकातों के बाद यह लगातार तीसरा साल होगा, जब दोनों नेता एक-दूसरे से आमने-सामने बातचीत करेंगे। चीन के इस बयान को दोनों देशों के रिश्तों में सुधार के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
China and India are arranging for the bilateral meeting between President Xi and Prime Minister Modi.
This will be the third year in a row for the two leaders to meet with each other, following their meetings in Kazan and Tianjin.
China will work with India to act on the… pic.twitter.com/jD3GeZpjZk
— Xu Feihong (@China_Amb_India) September 11, 2026
मतभेदों को बातचीत से सुलझाने पर जोर
चीनी राजदूत ने कहा कि चीन भारत के साथ मिलकर दोनों नेताओं के रणनीतिक निर्देशों को आगे बढ़ाना चाहता है। इसके साथ ही दोनों देशों के रिश्तों को लंबे समय के नजरिए से देखने, बातचीत और सहयोग बढ़ाने तथा मतभेदों को उचित तरीके से हल करने पर जोर दिया गया है। चीन की ओर से भारत के साथ अच्छे पड़ोसी और एक-दूसरे के विकास में सहयोगी साझेदार के रूप में काम करने की बात भी कही गई है।
दो साल में रिश्तों में दिखा बदलाव
पिछले दो वर्षों के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) के बीच कई अहम मौकों पर बातचीत हुई है। वर्ष 2024 में कजान में हुए BRICS सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात हुई थी। इसके बाद 2025 में तियानजिन में आयोजित SCO समिट में भी दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई। ऐसे में दिल्ली में होने वाली बैठक को दोनों देशों के बीच भरोसा बढ़ाने की कोशिश के तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
BRICS को लेकर भी चीन ने भारत का किया समर्थन
BRICS Summit 2026 की मेजबानी भारत कर रहा है। चीनी राजदूत ने इससे पहले BRICS सहयोग को लेकर भी भारत के समर्थन की बात कही थी। अमेरिका के साथ व्यापार और टैरिफ को लेकर तनाव तथा दुनिया में बढ़ती भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच भारत-चीन के रिश्तों में नरमी का संकेत काफी अहम माना जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि मोदी-जिनपिंग (Xi Jinping) की बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा होती है और इसका दोनों देशों के रिश्तों पर कितना असर पड़ता है।
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