उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के साढ़ थाना क्षेत्र में एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। तीन बच्चों की मां ने आधी रात को अपने प्रेमी को चुपचाप मिलने के लिए गांव के बाहर जंगल में बुलाया था। प्रेमिका के बुलावे पर फतेहपुर से खींचा चला आया प्रेमी अपनी माशूक से मिलने के लिए बेताब था, लेकिन उसे इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि यह मुलाकात उसकी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल साबित होगी। महिला के पति को पहले से ही उसकी हरकतों पर शक था, जिसके चलते वह अपनी पत्नी पर पैनी नजर रखे हुए था। जैसे ही महिला घर से निकली, पति और उसके परिजनों ने चुपचाप उनका पीछा करना शुरू कर दिया और जंगल के पास पहुंचते ही दोनों को रंगे हाथों दबोच लिया।
30 घंटे तक कमरे में बंधक बनाकर दी अमानवीय यातनाएं
रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद गुस्साए परिजनों ने प्रेमी की मौके पर ही जमकर पिटाई कर दी। इसके बाद वे उसे अपने घर खींच कर ले गए और रस्सियों से हाथ-पैर बांधकर एक अंधेरे कमरे में कैद कर दिया। करीब 30 घंटे तक उस युवक को लगातार बंधक बनाकर रखा गया और तरह-तरह की शारीरिक व मानसिक यातनाएं दी गईं। इस बीच जब महिला ने अपने प्रेमी को छोड़ने की गुहार लगाई, तो ससुराल वालों ने साफ शर्त रख दी कि जब तक उनकी पत्नी को पूरी तरह सुरक्षित वापस नहीं लाया जाता, तब तक वे युवक को जिंदा नहीं छोड़ेंगे। किसी तरह जान बचाकर भागी महिला ने तुरंत फतेहपुर फोन करके प्रेमी के पिता को इस भयानक घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पीड़ित पिता ने थाने पहुंचकर पुलिस से गुहार लगाई।
दरोगा के नोचे बिल्ले और पुलिस टीम पर किया जानलेवा हमला
पिता की शिकायत मिलते ही साढ़ थाने के दरोगा आशीष सिंह भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और युवक को मुक्त कराने की कोशिश की। लेकिन आरोपी परिवार और उनके रिश्तेदारों का गुस्सा सातवें आसमान पर था। पुलिस को देखते ही वे और अधिक आक्रामक हो गए और दबंगई दिखाते हुए पूरी पुलिस टीम को घेर लिया। देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि आरोपियों ने दरोगा आशीष सिंह के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी और उनके कंधे से वर्दी के बिल्ले तक नोच डाले। पुलिस के साथ इस तरह की अभद्रता और हमले की खबर मिलते ही थाने से अतिरिक्त पुलिस फोर्स मौके पर भेजी गई, जिसके बाद कड़ी मशक्कत के बाद हालात पर काबू पाया गया और बंधक बनाए गए युवक को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
पुलिस ने दर्ज किए दो अलग-अलग मुकदमे, आरोपियों की तलाश जारी
इस पूरी हाई-वोल्टेज और फिल्मी ड्रामे जैसी घटना के बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है। एसीपी कृष्ण कुमार यादव ने मामले की पूरी जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस टीम पर हमला करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में दरोगा की तहरीर पर पति इंद्रेश और उसके परिजनों के खिलाफ गंभीर धाराओं में पहली एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं, दूसरी तरफ बंधक बनाए गए युवक के पिता की शिकायत के आधार पर अपहरण, मारपीट, 30 घंटे तक अवैध रूप से कैद रखने और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब दोनों मामलों में कानूनी कार्रवाई करते हुए फरार आरोपियों की तलाश में जुट गई है और इलाके में यह घटना चर्चा का बड़ा विषय बनी हुई है।
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