उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के अकबरपुर गांव में आध्यात्मिक गुरु नीम करौली बाबा के पैतृक आवास को लेकर परिवार के भीतर ही बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यह गांव बाबा की जन्मस्थली है, जहाँ उनका जन्म लक्ष्मी नारायण शर्मा के रूप में हुआ था। विवाद का केंद्र करीब 4,000 वर्ग फुट में फैला वह आधुनिक डुप्लेक्स मकान और परिसर है, जहाँ बाबा के ध्यान कक्ष, भोजन कक्ष और अतिथियों के कमरे बने हुए हैं। वर्तमान में इस पूरी संपत्ति का प्रबंधन ‘श्री नीम करौली महाराज ट्रस्ट’ के पास है, जिसकी कमान बाबा की बेटी गिरिजा देवी भटेले संभाल रही हैं। यह पूरा मामला तब खुलकर सामने आया जब बाबा के दिवंगत बेटे धर्म नारायण शर्मा की छह पोतियों ने इस संपत्ति पर ट्रस्ट द्वारा अवैध कब्जा जमाने का गंभीर आरोप लगाया और सीधे जिला प्रशासन का दरवाजा खटखटाया।
पारिवारिक कार्यक्रम से बढ़ा तनाव और प्रशासनिक जांच
इस पूरे विवाद की शुरुआत 24 अगस्त को एक पारिवारिक कार्यक्रम के दौरान हुई, जब परिवार के लोग उस पैतृक घर पर एकत्र हुए थे। शिकायतकर्ता पोतियों—सुनीता शर्मा, अर्चना शर्मा, वंदना शर्मा, भावना रावत, रितु तिवारी और रिचा रावत—का आरोप है कि उन्हें उस दौरान घर के कमरों में ठहरने तक की अनुमति नहीं दी गई, जिससे परिवार के भीतर का असंतोष बाहर आ गया। इसके बाद इन सभी पोतियों ने जिलाधिकारी को लिखित शिकायत देकर मांग की कि पुश्तैनी घर को तुरंत ट्रस्ट के नियंत्रण से मुक्त कराया जाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया और एक तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन कर दिया, जिसकी अगुवाई अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) अरविंद कुमार द्विवेदी कर रहे हैं। प्रशासन अब दोनों पक्षों के दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रहा है।
परिवार और ट्रस्ट का पक्ष
इस संपत्ति विवाद को लेकर परिवार के भीतर ही बंटी हुई राय देखने को मिल रही है। जहाँ छह पोतियां ट्रस्ट के खिलाफ मुखर होकर सामने आई हैं, वहीं बाबा के दूसरे दिवंगत बेटे अनेक सिंह शर्मा के बेटे धनंजय शर्मा ने इन सभी आरोपों से खुद को पूरी तरह अलग कर लिया है। धनंजय का कहना है कि यह संपत्ति पूरी तरह से नीम करौली बाबा की इच्छा के अनुसार ही ट्रस्ट को सौंपी गई थी और इस तरह का सार्वजनिक विवाद होना परिवार के लिए ठीक नहीं है। दूसरी ओर, ट्रस्ट के सचिव संजय गुप्ता ने पोतियों द्वारा लगाए गए अवैध कब्जे के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि ट्रस्ट पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रहा है और उन्हें अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक नोटिस नहीं मिला है।
फिल्म की सफलता के बीच गरमाया मुद्दा
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में तूल पकड़ रहा है जब नीम करौली बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ सिनेमाघरों में धूम मचा रही है। 7 अगस्त 2026 को रिलीज हुई यह बायोग्राफिकल फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई है और दुनिया भर में 150 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर चुकी है। इस फिल्म की अपार सफलता के बाद से ही देश-दुनिया में बाबा के जीवन, उनकी जन्मस्थली और उनकी विरासतों को जानने के लिए लोगों की उत्सुकता अचानक बहुत बढ़ गई है। ऐसे में, जन्मस्थली वाले पैतृक घर को लेकर उपजा यह पारिवारिक विवाद अब आम लोगों और श्रद्धालुओं के बीच भी चर्चा का बड़ा विषय बन गया है, और सबकी निगाहें अब जिला प्रशासन की आगामी जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।
