Abhijeet Dipke: देश में आरक्षण व्यवस्था को लेकर चल रही बहस के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) ने अपने परिवार और आरक्षण से जुड़े अनुभव साझा किए हैं। न्यूज 24 को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि उनके पिता को आरक्षण का लाभ मिला, जिससे उन्हें अच्छी नौकरी मिली और परिवार को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिले। दीपके ने कहा कि इसी वजह से वह निजी स्कूल में पढ़ सके और आगे की पढ़ाई के लिए बॉस्टन तक जा पाए। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पढ़ाई के लिए लिया गया लोन अभी चुकाना बाकी है।
‘पिता को आरक्षण का लाभ मिला, इसलिए मुझे बेहतर मौके मिले’
अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) ने बताया कि वह दलित परिवार से आते हैं और उनके पिता की शिक्षा और नौकरी ने उनके जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके मुताबिक, आरक्षण के कारण उनके पिता को अच्छी नौकरी हासिल करने का अवसर मिला। इसी आर्थिक और सामाजिक आधार ने उन्हें बेहतर शिक्षा दिलाने में मदद की। दीपके ने कहा कि अगर उनके पिता इंजीनियर नहीं बन पाते तो उनके लिए बॉस्टन जाकर पढ़ाई करना संभव नहीं होता। उन्होंने अपने परिवार की स्थिति का उदाहरण देते हुए बताया कि उनके कई रिश्तेदार आज भी ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं हैं। उनके एक चाचा दुकान चलाते हैं, जबकि उनकी बुआ खेती से जुड़ी हैं। दीपके का कहना है कि वह आरक्षण के मुद्दे पर समाज को बांटने की राजनीति नहीं करना चाहते।
आरक्षण में बदलाव की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन
इसी बीच दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण व्यवस्था और यूजीसी के इक्विटी नियमों को लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहा है। प्रदर्शनकारी जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं और आरक्षण का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचना चाहिए और व्यवस्था का राजनीतिक इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। कुछ प्रदर्शनकारियों ने आर्थिक स्थिति और गरीबी को भी आरक्षण का आधार बनाने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि मदद जरूरतमंद व्यक्ति को मिलनी चाहिए, चाहे वह किसी भी जाति या धर्म से हो। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें प्रदर्शन स्थल पर टेंट और मंच लगाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
CJP 5 सितंबर को निकालेगी दिल्ली में मार्च
आरक्षण को लेकर चल रही बहस के बीच CJP ने 5 सितंबर 2026 को दिल्ली में विरोध मार्च निकालने का ऐलान किया है। संगठन का आरोप है कि 25 जुलाई को हुए आंदोलन के दौरान सरकार की ओर से किए गए वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं। CJP के अनुसार, प्रस्तावित मार्च में NEET से जुड़े घटनाक्रम के बाद जान गंवाने वाले छात्रों के परिवार भी शामिल होंगे। इसके अलावा संगठन का दावा है कि जुलाई के आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई का सामना करने वाले छात्रों के परिजन भी मार्च में मौजूद रहेंगे। वहीं, प्रदर्शन को लेकर सरकार और प्रशासन का पक्ष अलग से महत्वपूर्ण रहेगा। फिलहाल आरक्षण में सुधार की मांग और इसे लेकर राजनीतिक बहस लगातार तेज हो रही है।
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