MP News: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के पिपौरा खुर्द गांव में एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। यहां एक ही परिवार की तीन सगी बहनों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृत बच्चियों की पहचान 9 साल की पूनम कुशवाहा, 5 साल की मनीषा कुशवाहा और 9 महीने की चाहत कुशवाहा के रूप में हुई है। तीनों बच्चियों की मौत की खबर सामने आते ही गांव में हड़कंप मच गया। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया गया कि बालमुकुंद कुशवाहा की पांच बेटियां थीं, जिनमें से तीन अब इस दुनिया में नहीं हैं। इतनी कम उम्र में तीन बच्चियों की मौत ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया है।
पुलिस और प्रशासन की टीम ने गांव पहुंचकर शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया। मातगांव थाना और ईसानगर पुलिस की टीम के साथ प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी गांव पहुंचे। तहसीलदार दुर्गेश तिवारी, ईसानगर थाना प्रभारी रिपुदमन सिंह राजपूत और मातगांव थाना प्रभारी अंकुर चौबे समेत अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। जांच टीम ने घटनास्थल से जरूरी जानकारी और संभावित साक्ष्य जुटाए हैं। परिवार के सदस्यों और आसपास रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बच्चियों की तबीयत कब और किन परिस्थितियों में बिगड़ी थी। फिलहाल पुलिस किसी एक वजह को मौत का कारण मानकर नहीं चल रही है।
मौत की असली वजह बनी पहेली, रिपोर्ट आने के बाद खुलेगा राज
तीनों बच्चियों की मौत आखिर कैसे हुई, इस सवाल का अभी तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है। पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि कहीं बच्चियों ने गलती से कोई ऐसी चीज तो नहीं खा ली, जिससे उनकी तबीयत खराब हुई हो। इसके अलावा मौत के अन्य संभावित कारणों को भी जांच के दायरे में रखा गया है। अधिकारियों के मुताबिक मेडिकल जांच, पोस्टमार्टम और विसरा रिपोर्ट के बाद ही मौत की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच हर संभावित एंगल से की जा रही है और रिपोर्ट आने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना संभव होगा। फिलहाल तीन मासूम बहनों की मौत गांव और परिवार के लिए एक बड़ी पहेली बनी हुई है।
