केंद्र सरकार ने देश के युवाओं और खासकर GenZ के साथ सीधा संवाद बढ़ाने की दिशा में एक नई पहल की तैयारी शुरू की है। प्रस्तावित योजना का नाम ‘वन डे, वन यूनिवर्सिटी’ बताया जा रहा है। इस प्लान के तहत केंद्रीय मंत्रियों को अलग-अलग विश्वविद्यालयों का दौरा करने और वहां पढ़ने वाले छात्रों से सीधे बातचीत करने की जिम्मेदारी दी जा सकती है। सरकार का फोकस युवाओं की समस्याओं, उनकी राय और देश से जुड़े अहम मुद्दों को करीब से समझने पर रहेगा।
हर दिन एक यूनिवर्सिटी पहुंचेंगे केंद्रीय मंत्री
सूत्रों के मुताबिक, ‘वन डे, वन यूनिवर्सिटी’ पहल के तहत केंद्रीय मंत्री नियमित तौर पर देश के अलग-अलग विश्वविद्यालयों में जाएंगे। इस दौरान वे छात्रों के साथ संवाद करेंगे और उनके सवालों व विचारों को सुनेंगे। सरकार की कोशिश बताई जा रही है कि केवल सरकारी कार्यक्रमों तक युवाओं से बातचीत सीमित न रहे, बल्कि मंत्री सीधे कैंपस में जाकर छात्रों के साथ चर्चा करें। इससे सरकार को युवाओं की बदलती सोच और उनकी प्राथमिकताओं को समझने का अवसर मिल सकता है। वहीं छात्रों को भी सीधे केंद्रीय मंत्रियों के सामने अपनी बात रखने का मंच मिलेगा।
छात्रों की राय से लेकर देश के मुद्दों पर होगी चर्चा
इस कार्यक्रम में सिर्फ सरकारी योजनाओं की जानकारी देना ही मकसद नहीं होगा। विश्वविद्यालयों में होने वाली बातचीत के दौरान देश और समाज से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर छात्रों की राय भी ली जा सकती है। शिक्षा, रोजगार, तकनीक, स्टार्टअप, डिजिटल दुनिया और युवाओं से जुड़े दूसरे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। सरकार यह समझना चाहती है कि GenZ किन विषयों को लेकर सबसे ज्यादा चिंतित है और उनकी अपेक्षाएं क्या हैं। छात्रों के सुझावों के जरिए सरकार तक जमीनी स्तर की राय पहुंचाने का रास्ता भी खुल सकता है।
युवा योजनाओं की भी दी जाएगी जानकारी
केंद्रीय मंत्रियों के विश्वविद्यालय दौरों के दौरान केंद्र सरकार की ओर से युवाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी भी छात्रों तक पहुंचाई जाएगी। सरकार की कोशिश होगी कि जिन योजनाओं का फायदा युवाओं को मिल सकता है, उनके बारे में उन्हें सीधे बताया जाए। इससे छात्रों को सरकारी अवसरों और कार्यक्रमों को समझने में आसानी हो सकती है। साथ ही बातचीत के दौरान यह भी पता चल सकेगा कि मौजूदा योजनाओं का लाभ लेने में युवाओं को किस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
GenZ से सीधा कनेक्ट बनाने की कोशिश
‘वन डे, वन यूनिवर्सिटी’ प्लान को सरकार और युवा पीढ़ी के बीच संवाद मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। GenZ सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काफी सक्रिय है, ऐसे में सरकार का विश्वविद्यालयों तक सीधे पहुंचने का प्रयास युवाओं के साथ अलग तरह का संवाद स्थापित कर सकता है। हालांकि, यह पहल अभी प्रस्तावित स्तर पर है और इसके अंतिम स्वरूप तथा कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। अगर योजना लागू होती है तो देशभर के विश्वविद्यालयों में केंद्रीय मंत्रियों और छात्रों के बीच सीधे संवाद का सिलसिला शुरू हो सकता है।
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