ओडिशा और आंध्र प्रदेश की सीमाओं से जुड़ा एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। फिल्म ‘दृश्यम’ की कहानी को मात देने वाली इस घटना में एक शख्स ने अपनी गर्भवती प्रेमिका की बेरहमी से हत्या करने के बाद उसके शव को ठिकाने लगाने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया। इस खौफनाक वारदात ने न सिर्फ दोनों राज्यों की पुलिस को हैरान कर दिया है, बल्कि मानवीय रिश्तों पर भी एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। पुलिस ने तकनीकी और साइबर साक्ष्यों के आधार पर इस ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी और उसके एक सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है।
प्यार, धोखा और लिव-इन रिलेशनशिप की खौफनाक दास्तान
पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतका मूल रूप से ओडिशा के कोरापुट जिले के दसमंतपुर क्षेत्र की रहने वाली थी। कुछ समय पहले उसकी मुलाकात आंध्र प्रदेश के एक युवक से सेमिलीगुड़ा थाना क्षेत्र में हुई थी। यह जान-पहचान धीरे-धीरे प्यार में बदल गई और दोनों ने साथ रहने का फैसला करते हुए लिव-इन रिलेशनशिप में जीवन बिताना शुरू कर दिया। हालांकि, यह रिश्ता जितनी जल्दी परवान चढ़ा, उसका अंत उतना ही दर्दनाक साबित हुआ। शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि आरोपी पहले से ही शादीशुदा था और उसकी दो पत्नियां होने की बात भी सामने आ रही है, जिसके बावजूद उसने इस युवती को अपने जाल में फंसाया था।
‘दृश्यम’ स्टाइल में सबूत मिटाने की शातिर साजिश और दो दिन का खौफनाक राज
हत्या की इस वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने जो किया, वह किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद आरोपी ने लाश को तुरंत ठिकाने लगाने के बजाय करीब दो दिनों तक अपने पास ही छिपाकर रखा। वह यह सुनिश्चित करना चाहता था कि किसी को भी इस घटना की भनक न लगे। इसके बाद, उसने बेहद चालाकी से शव को आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के गजपतिनगरम इलाके में ले जाकर दफना दिया ताकि सारे सबूत हमेशा के लिए मिट जाएं। आरोपी को अपनी इस चाल पर पूरा भरोसा था कि पुलिस कभी उस तक नहीं पहुंच पाएगी।
डिजिटल तकनीक और साइबर जांच ने खोला सनसनीखेज राज
क्रिमिनल कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के लंबे हाथों से बचना नामुमकिन होता है। इस मामले में भी जब स्थानीय पुलिस के सामने कोई पुख्ता सुराग नहीं था, तब साइबर सेल और तकनीकी साक्ष्यों ने अहम भूमिका निभाई। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन, डिजिटल ट्रेल्स और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स की मदद से आरोपी की हरकतों को ट्रैक करना शुरू किया। जैसे ही कड़ियां आपस में जुड़ीं, पुलिस सीधे उस जगह तक पहुंच गई जहां शव को दफनाया गया था। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जमीन खोदकर शव को बरामद कर लिया और मुख्य आरोपी के साथ-साथ इस आपराधिक षड्यंत्र में उसका साथ देने वाले एक अन्य सहयोगी को भी दबोच लिया।
गर्भावस्था और अनसुलझे सवाल: क्या थी बेरहमी से कत्ल की असली वजह?
इस पूरे मामले में एक और चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया है कि मृतका गर्भवती थी। इसके बावजूद उसके साथ ऐसा खौफनाक सलूक क्यों किया गया, यह अभी भी एक बड़ा रहस्य बना हुआ है। पुलिस इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि हत्या की यह खौफनाक साजिश कब और कैसे रची गई थी तथा शव को दफनाने में और किस-किस ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मदद की थी। इस दर्दनाक घटना के बाद से कोरापुट और विजयनगरम दोनों ही इलाकों में सनसनी फैली हुई है और मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की रिमांड पूछताछ के बाद इस मर्डर मिस्ट्री से जुड़े सभी पर्दों उठ जाएंगे।
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