हाल ही में एअर इंडिया की फ्लाइट संख्या AI2379 जो फुकेट से दिल्ली आ रही थी, आसमान में अचानक बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई। इस उड़ान के दौरान विमान क्रूज चरण में था और अचानक उसने लगभग तीन सौ फीट की ऊंचाई बेहद कम समय में खो दी। इस भारी झटके और टर्बुलेंस की वजह से विमान में सवार कई यात्रियों और केबिन क्रू सदस्यों को गंभीर चोटें आईं। कुल मिलाकर विमान में एक सौ सैंतीस यात्री और आठ क्रू मेंबर मौजूद थे। हालांकि बाद में विमान को सुरक्षित दिल्ली एयरपोर्ट पर उतार लिया गया था, लेकिन इस घटना के बाद से ही विमानन सुरक्षा और यात्रियों की जान को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे कि आखिर आसमान के बीच अचानक ऐसा क्या हुआ था।
शुरुआती स्क्रीनिंग में मिले थे संकेत, फिर हुआ बड़ा खुलासा
नागर विमानन मंत्रालय के तय नियमों और एसओपी यानी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर के तहत किसी भी ऐसी अप्रिय घटना के तुरंत बाद फ्लाइट क्रू का साइकोएक्टिव सब्सटेंस स्क्रीनिंग टेस्ट यानी डोप टेस्ट करवाना अनिवार्य होता है। इसी नियम के तहत इस उड़ान के दोनों पायलटों के भी सैंपल जांच के लिए लिए गए थे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पायलट-इन-कमांड यानी कैप्टन का शुरुआती स्क्रीनिंग टेस्ट नॉन-नैगेटिव आया था। हालांकि शुरुआती दौर में तकनीकी रूप से यह माना जाता है कि कुछ विशेष दवाइयों या अन्य बाहरी कारणों से ऐसे टेस्ट में गलत परिणाम भी आ सकते हैं, इसलिए इसे अंतिम रूप से दोषी नहीं माना जाता है, लेकिन इसने जांच एजेंसियों को सतर्क जरूर कर दिया था।
कन्फर्मेटरी टेस्ट में भी रिपोर्ट पॉजिटिव, दोनों पायलट रोस्टर से बाहर
शुरुआती जांच में संकेत मिलने के बाद पायलटों के सैंपल को अत्यधिक सटीक और वैज्ञानिक तकनीकों जैसे जीसी-एमएस या एलसी-एमएस के जरिए जांचने के लिए निर्धारित प्रयोगशाला में भेजा गया। अब इस दूसरे और बेहद पुख्ता कन्फर्मेटरी टेस्ट की रिपोर्ट भी सामने आ चुकी है, जिसमें दोनों पायलटों का नतीजा पूरी तरह से पॉजिटिव आया है। इसका सीधा अर्थ यह है कि शुरुआती जांच में मिले संकेत बिल्कुल सही थे। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद एयरलाइन प्रशासन ने तुरंत कड़ा कदम उठाते हुए दोनों पायलटों को आगामी सभी उड़ानों के रोस्टर से हटा दिया है। हालांकि, जांच अधिकारी अभी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या इस नशे या पॉजिटिव टेस्ट का सीधा संबंध विमान की ऊंचाई अचानक कम होने वाली घटना से था या नहीं।
मंत्रालय और एअर इंडिया की उच्चस्तरीय बैठक, एयरलाइन पर उठे सवाल
इस गंभीर मामले की गंभीरता को देखते हुए नागर विमानन मंत्रालय और एअर इंडिया के शीर्ष अधिकारियों के बीच एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस अहम बैठक में एअर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैंपबेल विल्सन, नागर विमानन सचिव समीर कुमार सिन्हा, टाटा सन्स और एअर इंडिया के चेयरमैन के कार्यकारी सलाहकार प्रदीप सिंह खरोला तथा विमान सुरक्षा प्रमुख दीपक जोशी समेत कई बड़े अधिकारी शामिल हुए। बैठक में मुख्य रूप से यह चर्चा की गई कि यात्रियों की सुरक्षा के साथ ऐसा खिलवाड़ कैसे बर्दाश्त किया जा सकता है। फिलहाल मंत्रालय और जांच एजेंसियां इस पूरे मामले की परतें टटोल रही हैं और जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस बड़ी लापरवाही के पीछे और कौन-कौन जिम्मेदार है।
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