उत्तर प्रदेश के सीतापुर में कथित तौर पर कई महिलाओं से शादी और ठगी के मामले में आरोपी अनुज त्रिवेदी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। अब उनके समधी और भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी ने भी उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। विधायक ने रेउसा थाने में धोखाधड़ी समेत कई आरोपों को लेकर FIR दर्ज कराई है। बताया जा रहा है कि करीब दो साल पहले विधायक ने अपनी बेटी डॉ. प्रज्ञा तिवारी की शादी अनुज त्रिवेदी के बेटे प्रखर त्रिवेदी से की थी। शादी 14 फरवरी 2024 को सीतापुर के मिश्रिख क्षेत्र के चंद्रावल निवासी परिवार में हुई थी। विधायक की शिकायत के मुताबिक, विवाह से पहले परिवार ने लड़के और उसके परिजनों के बारे में जानकारी जुटाई थी। उस समय अनुज त्रिवेदी ने कथित तौर पर खुद को मुंबई का रियल एस्टेट कारोबारी बताया था।
परिवार को बताई गई पहचान और पेशे की अलग कहानी
शिकायत के अनुसार, शादी से पहले अनुज त्रिवेदी ने अपने बेटे प्रखर के बारे में भी कई बातें बताई थीं। परिवार को बताया गया था कि प्रखर गांव में स्कूल चलाता है और खेती व बागवानी का काम भी देखता है। इन जानकारियों के आधार पर रिश्ता तय हुआ। विधायक के मुताबिक, शादी में करीब 15 हजार लोग शामिल हुए थे। लेकिन विवाह के लगभग दो साल बाद सोशल मीडिया के जरिए उन्हें अनुज त्रिवेदी पर लगे कथित गंभीर आरोपों की जानकारी मिली। आरोप सामने आने के बाद विधायक ने दावा किया कि जिस व्यक्ति और परिवार के बारे में शादी से पहले जानकारी दी गई थी, उसके संबंध में कई ऐसी बातें सामने आईं, जिनसे उनका परिवार भी कथित तौर पर धोखे में रहा। इसके बाद विधायक ने सार्वजनिक रूप से अनुज त्रिवेदी से अपने रिश्ते खत्म करने की बात भी कही थी।
25 महिलाओं से शादी और करोड़ों की ठगी का आरोप
अनुज त्रिवेदी पर आरोप है कि उन्होंने अपनी असली पहचान छिपाकर अलग-अलग महिलाओं से करीब 25 शादियां कीं और कथित तौर पर उनसे करोड़ों रुपये की ठगी की। इस मामले में महाराष्ट्र पुलिस पहले ही उन्हें गिरफ्तार कर चुकी है। बताया जा रहा है कि डोंबिवली थाने में दर्ज एक मामले के चलते वह फिलहाल महाराष्ट्र में न्यायिक हिरासत में हैं। अब सीतापुर में उनके समधी की ओर से दर्ज कराई गई FIR ने मामले को और गंभीर बना दिया है। विधायक की शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उनके परिवार को भी अनुज की कथित गतिविधियों और पहचान को लेकर गलत जानकारी दी गई। हालांकि, 25 शादियों और करोड़ों रुपये की ठगी से जुड़े आरोपों की पूरी सच्चाई पुलिस जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
सीतापुर पुलिस की पूछताछ से खुल सकते हैं कई राज
अब इस मामले में आगे की पुलिस कार्रवाई पर नजर है। यदि कानूनी प्रक्रिया के तहत अनुज त्रिवेदी को महाराष्ट्र से सीतापुर लाया जाता है, तो स्थानीय पुलिस उनसे पूछताछ कर सकती है। ऐसी स्थिति में पुलिस शादी, पहचान छिपाने, कथित ठगी और परिवार को दी गई जानकारी से जुड़े पहलुओं की जांच कर सकती है। साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश हो सकती है कि अलग-अलग महिलाओं से कथित विवाह और पैसों के लेन-देन का पूरा नेटवर्क किस तरह काम करता था। फिलहाल मामले में सामने आए आरोपों की जांच जारी है और आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को अदालत में साबित किया जाना बाकी है। विधायक ज्ञान तिवारी की FIR के बाद यह मामला अब सीतापुर में भी पुलिस जांच के दायरे में आ गया है।
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