उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने रिश्तों पर भरोसा करने वालों को झकझोर दिया है। पुलिस के अनुसार, एक युवक ने अपनी पत्नी पर दर्ज मुकदमा वापस कराने के लिए अपनी ही साली को कथित तौर पर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। आरोप है कि उसने युवती की निजी तस्वीरें और वीडियो बनाकर उन्हें सार्वजनिक करने की धमकी दी। लगातार मिल रही धमकियों और मानसिक दबाव से परेशान युवती ने 18 जुलाई को आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की गहराई से जांच जारी है।
पत्नी पर दर्ज केस वापस कराने के लिए बनाया दबाव
पुलिस के अनुसार, आरोपी गोविंद शर्मा की शादी कानपुर निवासी एक कारोबारी की बड़ी बेटी से हुई थी। विवाह के बाद पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ने पर पत्नी ने अपने पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि इसी मामले को खत्म कराने के लिए आरोपी ने समझौते का बहाना बनाकर पत्नी को अपने घर बुलाया। परिवार को शक होने पर पत्नी की छोटी बहन भी उसके साथ गई। इसी दौरान आरोपी ने कथित तौर पर युवती की निजी तस्वीरें और वीडियो बना लिए। इसके बाद वह उस पर अपनी बड़ी बहन से मुकदमा वापस कराने का दबाव बनाने लगा और ऐसा न करने पर तस्वीरें वायरल करने की धमकी देने लगा।
लगातार धमकियों से टूट गई युवती, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
परिजनों के अनुसार, युवती आरोपी की धमकियों से लगातार मानसिक तनाव में रहने लगी थी। वह अपनी बहन के साथ वापस कानपुर लौट आई, लेकिन आरोप है कि इसके बाद भी आरोपी उसे फोन और अन्य माध्यमों से परेशान करता रहा। लगातार ब्लैकमेल और डर के माहौल में रहने के कारण युवती ने आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिवार को पूरे मामले की जानकारी मिली। मृतका के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर कल्याणपुर थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी गोविंद शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की जा सके।
पुलिस जुटा रही डिजिटल सबूत, जांच जारी
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मामले की जांच कई पहलुओं से की जा रही है। आरोपी के मोबाइल फोन, चैट, फोटो और वीडियो सहित अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी। यदि जांच में ब्लैकमेलिंग और धमकी देने के पर्याप्त सबूत मिलते हैं, तो आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि डिजिटल माध्यमों का दुरुपयोग कर किसी को धमकाना या मानसिक रूप से प्रताड़ित करना गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाती है। फिलहाल आरोपी न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रहा है और पुलिस पूरे मामले में साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।
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