संसद के मानसून सत्र में लगातार जारी गतिरोध के बीच सरकार और विपक्ष के बीच संवाद की नई पहल देखने को मिली है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने दो दिनों के भीतर दूसरी बार लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात कर सदन की कार्यवाही सामान्य करने पर चर्चा की। सूत्रों के अनुसार, बातचीत का मुख्य उद्देश्य संसद में जारी गतिरोध खत्म करना और लंबित विधायी कार्यों को आगे बढ़ाना था। इसके साथ ही महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे अहम मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ। राहुल गांधी ने बातचीत के दौरान कहा कि वह इंडिया गठबंधन के अन्य दलों से चर्चा करने के बाद सरकार के साथ आगे की रणनीति तय करेंगे। इस मुलाकात को संसद में सहमति बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सरकार चाहती है विपक्ष का सहयोग, कांग्रेस ने लगाए सवाल
सूत्रों का कहना है कि सरकार के पास कई विधेयकों को पारित कराने के लिए आवश्यक संख्या बल मौजूद है, लेकिन वह प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस को भी साथ लेकर आगे बढ़ना चाहती है। दूसरी ओर कांग्रेस का आरोप है कि सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुली चर्चा से बच रही है और जनता के बीच भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि विपक्ष संसद में हर विषय पर बहस के लिए तैयार है, लेकिन सरकार को भी विपक्ष की बात सुननी चाहिए। मानसून सत्र के दौरान परिसीमन, महिला आरक्षण और अन्य राजनीतिक मुद्दों को लेकर दोनों पक्षों के बीच लगातार बयानबाजी देखने को मिली है। ऐसे में बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिशों पर सभी की नजर बनी हुई है।
रिजिजू बोले- विरोधी हैं, दुश्मन नहीं
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनकी राहुल गांधी से सकारात्मक चर्चा हुई है और सरकार विपक्षी दलों के साथ लगातार संवाद बनाए रखना चाहती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक दल एक-दूसरे के विरोधी हो सकते हैं, लेकिन दुश्मन नहीं। उनके अनुसार संसद देशहित में काम करने का मंच है और सभी दलों को मिलकर सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने का प्रयास करना चाहिए। रिजिजू ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह संसद में मौजूद रहते हैं और सरकार किसी भी मुद्दे पर चर्चा से पीछे नहीं हट रही है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह लगातार हो रहे विरोध के बजाय सदन की कार्यवाही में भाग लेकर जनता के मुद्दे उठाए।
हंगामे के कारण प्रभावित हो रहा संसद का कामकाज
मानसून सत्र की शुरुआत से ही लोकसभा और राज्यसभा में कई मुद्दों को लेकर हंगामा जारी है। अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े कथित मामले और दिल्ली में छात्र प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई जैसे विषयों को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है। विरोध के कारण कई बार सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। इस बीच कुछ विधेयक हंगामे के बीच ही पारित किए गए, जबकि प्रश्नकाल और शून्यकाल जैसी महत्वपूर्ण संसदीय प्रक्रियाएं भी प्रभावित हुईं। अब सरकार और विपक्ष के बीच बढ़ते संवाद को देखते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में गतिरोध समाप्त हो सकता है और संसद की कार्यवाही सामान्य रूप से आगे बढ़ सकेगी। हालांकि अंतिम फैसला दोनों पक्षों की सहमति और आगे होने वाली बैठकों पर निर्भर करेगा।
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