मध्य प्रदेश में सामने आए 21.05 करोड़ रुपये के कथित साइबर फ्रॉड मामले में जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। राज्य साइबर पुलिस ने इस मामले में शाजापुर के जिला पंचायत सदस्य और भाजपा से जुड़े नेता जगदीश कुमार मालवीय को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ठगी की रकम का एक हिस्सा आरोपी के बैंक खाते में पहुंचा था। अधिकारियों के मुताबिक शुरुआती जांच में उसके खाते में 50 लाख रुपये ट्रांसफर होने की पुष्टि हुई है। इस कार्रवाई के बाद मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर हलचल मचा दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी की भूमिका केवल बैंक खाता उपलब्ध कराने तक सीमित थी या वह पूरे नेटवर्क का सक्रिय हिस्सा था।
चार्टर्ड अकाउंटेंट को क्रिप्टो निवेश के नाम पर लगाया गया करोड़ों का चूना
जांच के अनुसार ग्वालियर के 70 वर्षीय चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय को ऑनलाइन निवेश के जरिए मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया गया था। आरोप है कि एक महिला ने सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क कर भरोसा बनाया और फिर क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने के लिए प्रेरित किया। दिसंबर 2025 से जुलाई 2026 के बीच उन्होंने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 21 करोड़ 5 लाख 92 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। शुरुआत में उन्हें बेहतर रिटर्न का भरोसा दिया जाता रहा, लेकिन जब उन्होंने निवेश की रकम वापस निकालनी चाही तो उनसे और पैसे जमा करने के लिए कहा गया। इसी दौरान उन्हें धोखाधड़ी का शक हुआ और उन्होंने राज्य साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू हुई।
बैंक खाते से मिले संदिग्ध लेनदेन, विदेश यात्रा भी जांच के घेरे में
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी जगदीश कुमार मालवीय के बैंक खाते में केवल 50 लाख रुपये ही नहीं, बल्कि 2.50 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन भी हुए हैं। अधिकारियों को आशंका है कि यह बैंक खाता अन्य साइबर ठगी के मामलों में भी इस्तेमाल किया गया हो सकता है। जांच एजेंसियां अब बैंकिंग रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेजों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की गहराई से जांच कर रही हैं। पुलिस को यह जानकारी भी मिली है कि आरोपी हाल ही में अपने साथियों के साथ बैंकॉक की यात्रा पर गया था। अब यह पता लगाया जा रहा है कि विदेश यात्रा और अन्य खर्चों में कहीं कथित ठगी की रकम का इस्तेमाल तो नहीं किया गया। फिलहाल इस संबंध में जांच जारी है और अधिकारियों ने सभी पहलुओं की पड़ताल शुरू कर दी है।
20 हजार से ज्यादा बैंक खाते जांच के दायरे में, कई राज्यों तक फैला नेटवर्क
साइबर पुलिस के अनुसार पीड़ित ने 106 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 76 बैंक खातों में रकम भेजी थी। इसके बाद यह पैसा कई स्तरों से गुजरते हुए आगे ट्रांसफर किया गया, ताकि असली स्रोत और अंतिम लाभार्थियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाए। जांच में अब तक 20 हजार से अधिक बैंक खातों की पहचान की जा चुकी है, जिनका किसी न किसी रूप में इस नेटवर्क से संबंध होने की आशंका है। अधिकारियों का कहना है कि ठगी की रकम का बड़ा हिस्सा दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों तक भी पहुंचा है। पूछताछ में मिले सुरागों के आधार पर पुलिस अंतरराज्यीय साइबर गिरोह की भूमिका की भी जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।
Read More-कैसे उड़ गए अतीक अहमद के बेटे की कार के परखच्चे? हादसे के चश्मदीद ने बताया डरावना मंजर
