HomeदेशPM मोदी से होगी शी जिनपिंग की मुलाकात? भारत दौरे को लेकर...

PM मोदी से होगी शी जिनपिंग की मुलाकात? भारत दौरे को लेकर चीन का बड़ा संकेत

गलवान झड़प के बाद पहली बार चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत आने की संभावना है। जानिए BRICS समिट, भारत-चीन संबंध, सीमा विवाद और संभावित मोदी-शी बैठक की पूरी जानकारी।

-

Xi Jinping India Visit: साल 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद भारत और चीन के रिश्तों में बड़ी दूरी आ गई थी। अब करीब छह साल बाद एक बार फिर दोनों देशों के बीच रिश्तों में सुधार की उम्मीद दिखाई दे रही है। खबर है कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सितंबर में नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में शामिल होने भारत आ सकते हैं। यदि यह दौरा होता है तो गलवान घटना के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा होगी। इस संभावित दौरे को लेकर नई दिल्ली और बीजिंग दोनों जगह राजनयिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत हो सकती है।

सीमा विवाद से लेकर व्यापार तक हो सकती है चर्चा

सूत्रों के अनुसार, ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच अलग से द्विपक्षीय बैठक भी हो सकती है। इस बैठक में भारत-चीन सीमा विवाद, लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) की स्थिति, व्यापार, निवेश और दोनों देशों के आपसी संबंधों को बेहतर बनाने जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। साल 2020 की गलवान झड़प के बाद दोनों देशों की सेनाएं लंबे समय तक आमने-सामने रहीं और कई दौर की सैन्य व राजनयिक बातचीत के बाद कुछ इलाकों में तनाव कम हुआ। अब दोनों देश रिश्तों को सामान्य करने की दिशा में धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे हैं।

बैठकों का दौर होगा तेज, सीमा मुद्दे पर भी होगी चर्चा

शी जिनपिंग के संभावित दौरे से पहले भारत और चीन के अधिकारियों के बीच कई महत्वपूर्ण बैठकें होने की उम्मीद है। जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी उच्च स्तरीय वार्ता के लिए चीन जा सकते हैं। इसके अलावा सीमा मामलों पर काम करने वाले वर्किंग मैकेनिज्म फॉर कंसल्टेशन एंड कोऑर्डिनेशन (WMCC) की बैठक भी जल्द हो सकती है। इसके बाद दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों के बीच सीमा विवाद को लेकर नई बातचीत शुरू होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ये बैठकें सकारात्मक रहती हैं, तो दोनों देशों के रिश्तों में पहले से ज्यादा सुधार देखने को मिल सकता है।

वैश्विक चुनौतियों के बीच क्यों अहम है यह दौरा?

भारत और चीन इस समय कई वैश्विक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। दुनिया में बदलते आर्थिक हालात, अंतरराष्ट्रीय व्यापार, क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक तनाव जैसे मुद्दों पर दोनों देशों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे समय में यदि शी जिनपिंग भारत आते हैं, तो यह केवल ब्रिक्स सम्मेलन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि एशिया की दो बड़ी ताकतों के बीच नए संवाद का रास्ता भी खोल सकता है। हालांकि, अभी तक चीन या भारत की ओर से इस यात्रा की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए सभी की नजरें आने वाले दिनों में होने वाली आधिकारिक घोषणाओं और दोनों देशों की कूटनीतिक गतिविधियों पर बनी हुई हैं।

Read More- ‘मैं मुस्लिम हूं…’ वंदे मातरम विधेयक पर ओवैसी का बड़ा बयान, कहा- ‘अल्लाह के सिवा किसी की…’

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest posts