बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में चुनावी मुकाबला अब और दिलचस्प हो गया है। जन सुराज के संस्थापक और उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नाम से जारी किया गया एक चुनावी वीडियो वास्तविक नहीं है, बल्कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से तैयार किया गया वीडियो है। प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि इस वीडियो के जरिए मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उनके इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है और चुनावी माहौल और अधिक गर्म हो गया है।
प्रशांत किशोर ने रखी बड़ी शर्त, BJP को दिया सीधा चैलेंज
मीडिया से बातचीत के दौरान प्रशांत किशोर ने कहा कि यदि वीडियो में दिखाई गई अपील वास्तव में नीतीश कुमार की है और वह स्वयं किसी पत्रकार या सार्वजनिक मंच पर वही बात दोहरा दें, तो वह बांकीपुर उपचुनाव से अपना नामांकन वापस लेने को तैयार हैं। उन्होंने इसे भारतीय जनता पार्टी के लिए खुली चुनौती बताया। प्रशांत किशोर का कहना है कि अगर वीडियो असली है तो इसकी पुष्टि सार्वजनिक रूप से कराई जानी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान मतदाताओं को भ्रमित करने के लिए तकनीक का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
किस वीडियो पर खड़ा हुआ पूरा विवाद?
विवाद की शुरुआत उस वीडियो से हुई, जो सोमवार शाम सोशल मीडिया पर सामने आया। इस वीडियो में नीतीश कुमार कथित तौर पर बांकीपुर के मतदाताओं से भाजपा उम्मीदवार के समर्थन में मतदान करने की अपील करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने और बिहार के विकास के लिए भाजपा उम्मीदवार को समर्थन देने की बात कही गई है। इसी वीडियो को आधार बनाकर प्रशांत किशोर ने सवाल उठाए और दावा किया कि यह वीडियो संपादित या तकनीक की मदद से तैयार किया गया है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो की प्रामाणिकता की किसी स्वतंत्र एजेंसी द्वारा जांच की गई है या नहीं। ऐसे में इस मामले को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
चुनावी माहौल में बढ़ी सियासी हलचल, सबकी नजर आगे की कार्रवाई पर
बांकीपुर उपचुनाव पहले से ही राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है और अब इस नए विवाद ने चुनावी मुकाबले को और चर्चा में ला दिया है। प्रशांत किशोर के बयान के बाद विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि वीडियो को लेकर विवाद आगे बढ़ता है तो इसकी जांच की मांग भी उठ सकती है। दूसरी ओर, मतदाताओं की नजर अब इस बात पर है कि क्या इस मामले में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आता है या नहीं। फिलहाल प्रशांत किशोर अपने आरोपों पर कायम हैं, जबकि भाजपा की ओर से इस विवाद पर क्या रुख अपनाया जाता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है। चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में यह मुद्दा बांकीपुर उपचुनाव की सबसे बड़ी चर्चाओं में शामिल हो गया है।
