Delhi Protest Pellet Gun News: दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर चल रहा विवाद अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार सुरक्षा बलों की लॉग एंट्री की समीक्षा में यह जानकारी सामने आई है कि कनॉट प्लेस इलाके में तैनात रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के एक जवान ने कुल सात पैलेट राउंड फायर किए थे। सूत्रों का दावा है कि इनमें से पांच राउंड प्रदर्शनकारियों को लगे, जबकि दो जमीन पर जाकर लगे। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई उस समय की गई, जब प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने सुरक्षाकर्मियों पर हमला करने और पत्थरबाजी शुरू कर दी थी। हालांकि इस मामले की आधिकारिक विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन सामने आई यह जानकारी पूरे घटनाक्रम को लेकर नई चर्चा का कारण बन गई है।
सीआरपीएफ ने कहा- हर पहलू की होगी पेशेवर समीक्षा
घटना को लेकर सीआरपीएफ के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि अब जब प्रदर्शन समाप्त हो चुका है और प्रदर्शनकारी वहां से हट चुके हैं, तब पूरे घटनाक्रम की पेशेवर तरीके से समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े ऑपरेशन या कानून-व्यवस्था से जुड़े अभियान के बाद सुरक्षा एजेंसियां विस्तृत आकलन करती हैं और इस मामले में भी वही प्रक्रिया अपनाई जाएगी। समीक्षा के बाद बल मुख्यालय की ओर से अपना आधिकारिक पक्ष सामने रखा जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि समीक्षा का उद्देश्य यह समझना है कि घटनास्थल पर हालात कैसे बने और सुरक्षा बलों द्वारा उठाए गए कदम निर्धारित नियमों के अनुरूप थे या नहीं। जांच रिपोर्ट के बाद ही पूरे मामले की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
राहुल गांधी ने सरकार से पूछे तीखे सवाल
इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया। राहुल गांधी ने मीडिया के सामने साहिल नाम के एक युवक को पेश किया, जिसके बारे में दावा किया गया कि प्रदर्शन के दौरान उसकी आंख में गंभीर चोट लगी और उसे देखने में परेशानी हो रही है। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार पहले पैलेट गन के इस्तेमाल से इनकार करती रही, लेकिन अब सामने आ रही जानकारियां अलग तस्वीर दिखा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठा रहे युवाओं के साथ कठोर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए थी और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। साथ ही उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर भी सरकार पर राजनीतिक हमला बोला।
जांच रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजर
पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर सामने आए इस नए खुलासे के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में बहस तेज हो गई है। एक ओर विपक्ष पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है, वहीं सुरक्षा एजेंसियां कह रही हैं कि सभी तथ्यों की विस्तार से जांच की जा रही है। अब सभी की नजर उस आधिकारिक रिपोर्ट पर टिकी है, जिसमें यह स्पष्ट होगा कि घटनास्थल पर किस परिस्थिति में बल प्रयोग किया गया और क्या तय दिशा-निर्देशों का पालन किया गया था। यदि जांच में किसी तरह की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो आगे आवश्यक कार्रवाई भी की जा सकती है। फिलहाल यह मामला देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग जांच के अंतिम निष्कर्ष का इंतजार कर रहे हैं।
