महाराष्ट्र के नागपुर शहर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां नगर निगम के एक सार्वजनिक गार्डन में गांजे जैसे पौधे मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस दोनों सक्रिय हो गए हैं। मामला अजनी क्षेत्र स्थित गजानन गार्डन का बताया जा रहा है, जहां लोगों ने लंबे समय से युवाओं के संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने की शिकायत की थी। शुरुआत में लोगों को लगा कि यह सामान्य मामला है, लेकिन जब गार्डन के अंदर बड़े आकार के पौधे दिखाई दिए तो पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थान परिवारों और बच्चों के घूमने के लिए बनाया गया है, ऐसे में यहां इस तरह के पौधों का मिलना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। घटना की जानकारी सामने आते ही इलाके में चर्चा तेज हो गई और लोगों ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग शुरू कर दी।
वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया
इस मामले ने तब ज्यादा तूल पकड़ा जब एक स्थानीय जनप्रतिनिधि ने गार्डन का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। वीडियो में पार्क के भीतर उगे हुए बड़े-बड़े पौधे दिखाई दे रहे थे, जिन्हें गांजे का पौधा बताया गया। वीडियो वायरल होने के बाद नगर निगम और पुलिस विभाग में हलचल मच गई। अधिकारियों ने तुरंत मौके का निरीक्षण किया और पौधों की जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ये पौधे कब लगाए गए और इतने दिनों तक किसी की नजर में क्यों नहीं आए। प्रशासन का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर समय रहते निगरानी की गई होती तो यह स्थिति पैदा नहीं होती।
शिकायतों के बावजूद क्यों नहीं हुई कार्रवाई?
स्थानीय लोगों का दावा है कि वे पिछले कई महीनों से पार्क में कुछ युवाओं के जुटने और नशे से जुड़ी गतिविधियों की शिकायत कर रहे थे। कई बार पुलिस और संबंधित विभागों को जानकारी भी दी गई, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अब जब पार्क में संदिग्ध पौधे मिलने की बात सामने आई है तो लोग सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर निगरानी व्यवस्था इतनी कमजोर कैसे रही। नगर निगम के कर्मचारियों और पार्क की देखरेख करने वाले लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर नियमित निरीक्षण होना चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। इस पूरे मामले ने शहर में सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर बहस छेड़ दी है।
जांच के बाद सामने आएगा पूरा सच
फिलहाल पुलिस और प्रशासन यह पता लगाने में जुटे हैं कि पार्क में मिले पौधे किसने लगाए और इसके पीछे क्या मकसद था। अधिकारियों का कहना है कि पौधों के नमूने जांच के लिए भेजे जा रहे हैं और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पार्क के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य सुरागों की भी जांच की जा रही है। यदि किसी व्यक्ति या समूह की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सार्वजनिक स्थानों की निगरानी कितनी प्रभावी है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जो इस पूरे मामले की सच्चाई सामने ला सकती है।
