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कांवड़ यात्रा से पहले होटल मालिकों को लेकर क्या बोल गए योगी सरकार के मंत्री? फिर गरमाया नेम प्लेट विवाद

कांवड़ यात्रा 2026 से पहले यूपी में नेम प्लेट का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने होटल और ढाबों पर खाने की सही जानकारी लिखने की बात कही। जानिए पूरा मामला।

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सावन महीने और कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले उत्तर प्रदेश में एक बार फिर होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट की नेम प्लेट को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। मुजफ्फरनगर पहुंचे योगी सरकार के मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि दुकानों और होटल के बाहर साफ-साफ जानकारी लिखी जानी चाहिए। उनका कहना है कि लोगों को यह पता होना चाहिए कि वहां शाकाहारी खाना मिलता है या मांसाहारी। मंत्री के इस बयान के बाद यह मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। प्रशासन भी कांवड़ यात्रा की तैयारियों में लगा हुआ है क्योंकि हर साल लाखों श्रद्धालु इस रास्ते से गुजरते हैं।

मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने क्या कहा?

कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि यह केवल कांवड़ यात्रा का मामला नहीं है, बल्कि पूरे साल यात्रियों की सुविधा से जुड़ा विषय है। उन्होंने बताया कि हरिद्वार, ऋषिकेश, बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जाने वाले लोग भी इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में होटल और ढाबों पर साफ लिखा होना चाहिए कि वहां किस तरह का भोजन मिलता है। मंत्री का मानना है कि सही जानकारी मिलने से लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी और विवाद की संभावना भी कम हो जाएगी।

होटल और ढाबा मालिकों से की गई अपील

मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने होटल और ढाबा संचालकों से कहा है कि वे अपने प्रतिष्ठानों के बाहर सही जानकारी लिखें। उन्होंने कहा कि अगर किसी होटल का नाम धार्मिक भावनाओं से जुड़ा हो और वहां मांसाहारी भोजन भी परोसा जाता हो, तो कुछ लोगों में भ्रम पैदा हो सकता है। ऐसे हालात में विवाद भी हो सकता है। इसलिए पहले से ही साफ जानकारी देना बेहतर होगा। उन्होंने प्रशासन से भी कहा कि यात्रा मार्गों पर नजर रखी जाए ताकि किसी तरह की अफवाह या तनाव की स्थिति न बने।

पिछले साल भी हुआ था विवाद, फिर चर्चा में आया मामला

हर साल सावन के दौरान लाखों कांवड़िए हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने-अपने राज्यों और शहरों की ओर जाते हैं। मुजफ्फरनगर इस यात्रा का एक अहम पड़ाव माना जाता है। पिछले साल भी नेम प्लेट को लेकर विवाद और बहस देखने को मिली थी। अब मंत्री के नए बयान के बाद यह मुद्दा फिर सुर्खियों में आ गया है। कुछ लोग इसे यात्रियों की सुविधा के लिए जरूरी बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इस पर अलग राय रखते हैं। फिलहाल प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से पूरा कराना उसकी पहली प्राथमिकता है।

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