जयपुर में 4 जुलाई को हुई एक महिला की मौत को पहले सड़क हादसा माना गया था, लेकिन पुलिस जांच में मामला पूरी तरह बदल गया। जांच में सामने आया कि महिला नीरज शर्मा की मौत एक सुनियोजित हत्या थी। पुलिस के अनुसार, इस साजिश के पीछे खुद उनकी 24 वर्षीय बेटी आयुषी शर्मा, महिला के जेठ मोहन और जेठ का बेटा बलराम शामिल थे। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने महिला को रास्ते से हटाने के लिए सुपारी देकर हत्या करवाई। इस खुलासे के बाद पूरे मामले ने सभी को हैरान कर दिया है।
सरकारी नौकरी पाने के लिए बनाई हत्या की योजना
पुलिस के मुताबिक, नीरज शर्मा के पति की एक साल पहले मौत हो गई थी। उनके निधन के बाद नीरज को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी मिली थी। जांच में सामने आया कि बेटी आयुषी इस नौकरी को अपने नाम करवाना चाहती थी। इसी मकसद से उसने अपने ताऊ और चचेरे भाई के साथ मिलकर मां की हत्या की योजना बनाई। बताया जा रहा है कि तीन महीने पहले से साजिश चल रही थी। एक बार पहले भी महिला को थार गाड़ी से कुचलने की कोशिश की गई थी, लेकिन वह बच गई थीं। इसके बाद दोबारा योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया गया।
7 लाख की सुपारी देकर कराया हमला
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने अपने रिश्तेदार हेमंत को 7 लाख रुपये की सुपारी दी। इसके बाद हेमंत ने अपने साथियों आकाश, अरविंद, रोहित और मोहित के साथ मिलकर पूरी वारदात को अंजाम दिया। 4 जुलाई को महिला को स्कॉर्पियो से टक्कर मारकर कुचल दिया गया, जिससे उनकी मौत हो गई। शुरुआत में इसे सड़क दुर्घटना माना गया, लेकिन पुलिस की जांच में कई ऐसे सबूत मिले, जिनसे साफ हो गया कि यह हादसा नहीं बल्कि पहले से रची गई साजिश थी। पुलिस ने इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है।
भाई के शक से खुला पूरा मामला
नीरज शर्मा के भाई राकेश शर्मा को शुरू से ही हादसे की कहानी पर भरोसा नहीं था। उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और बताया कि उनकी बहन कई बार फोन पर कह चुकी थीं कि बेटी, जेठ और परिवार के कुछ लोग उन्हें संपत्ति और अन्य बातों को लेकर परेशान करते हैं। शिकायत के बाद पुलिस ने गहराई से जांच शुरू की। जांच के दौरान कॉल रिकॉर्ड, आरोपियों की गतिविधियां और अन्य सबूतों के आधार पर पूरे षड्यंत्र का खुलासा हुआ। पुलिस अब फरार आरोपी की तलाश कर रही है और मामले की आगे की जांच जारी है।
