शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके एक विवादित बयान के कारण चर्चा में आ गए हैं। उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे को लेकर ऐसी टिप्पणी कर दी, जिस पर अब राजनीतिक और सोशल मीडिया दोनों जगह बहस छिड़ गई है। पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए दीपके ने कहा कि 60-70 साल से अधिक उम्र के लोगों को सक्रिय राजनीति और आंदोलन से अलग होकर रिटायर हो जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अब युवाओं को अपने भविष्य से जुड़े फैसले खुद लेने का मौका मिलना चाहिए। उनके इस बयान के बाद कई लोगों ने इसे वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ताओं का अपमान बताया।
क्या कहा अभिजीत दीपके ने?
दरअसल, अभिजीत दीपके अपने गृह जिले छत्रपति संभाजीनगर में पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान उनसे पूछा गया कि क्या वह अन्ना हजारे से मुलाकात करेंगे। इस पर उन्होंने साफ इनकार करते हुए कहा कि अब युवाओं को आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि चाहे राजनीति हो या सामाजिक आंदोलन, 60-70 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को नई पीढ़ी के लिए जगह छोड़ देनी चाहिए। दीपके ने कहा कि यह छात्रों और युवाओं के भविष्य का सवाल है, इसलिए फैसले भी युवा ही करें। उनके इस बयान का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
सोशल मीडिया पर शुरू हुई बहस
अभिजीत दीपके के बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि यदि वह वरिष्ठ लोगों की भूमिका खत्म करने की बात कर रहे हैं, तो फिर अपने आंदोलन में वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का समर्थन क्यों ले रहे हैं। लोगों ने यह भी पूछा कि अगर युवा नेतृत्व की बात हो रही है, तो अनशन की जिम्मेदारी भी युवा नेताओं को ही उठानी चाहिए। हालांकि दीपके या उनकी पार्टी की ओर से इन सवालों पर अभी कोई अलग प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इस बीच उनके समर्थक इसे युवाओं को नेतृत्व देने की मांग बता रहे हैं, जबकि विरोधी इसे अनुभव और वरिष्ठता का अपमान मान रहे हैं।
जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी
कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन दिल्ली के जंतर-मंतर पर लगातार जारी है। पार्टी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही है। इस आंदोलन के समर्थन में सोनम वांगचुक भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। जानकारी के अनुसार उनका अनशन कई दिनों से जारी है और इस दौरान उनका वजन भी काफी कम हुआ है। दूसरी ओर, अभिजीत दीपके का अन्ना हजारे पर दिया गया बयान आंदोलन के मुद्दों से ज्यादा चर्चा का विषय बन गया है। अब देखना होगा कि इस विवाद पर आगे पार्टी की ओर से कोई सफाई आती है या नहीं।
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