तमिलनाडु की राजनीति में इन दिनों बड़ा विवाद देखने को मिल रहा है। सत्तारूढ़ टीवीके (TVK) और डीएमके के बीच विधायकों की कथित खरीद-फरोख्त को लेकर आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। मामला तब चर्चा में आया जब टीवीके के एक विधायक ने आरोप लगाया कि उन्हें पार्टी छोड़ने के लिए बार-बार संपर्क किया गया और दूसरी पार्टी का साथ देने का दबाव बनाया गया। विधायक की शिकायत के बाद चेन्नई पुलिस ने एक यूट्यूबर और डीएमके से जुड़े दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विधायक ने कहा- पार्टी बदलने के लिए बनाया जा रहा था दबाव
टीवीके विधायक एन. एलैयाराजा ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि कुछ लोग लगातार उनसे संपर्क कर रहे थे। उनका आरोप है कि उनसे कहा गया कि वे अपनी पार्टी छोड़ दें और दूसरी तरफ आ जाएं। विधायक का यह भी कहना है कि एक यूट्यूबर ने कई बार उनसे बात की और कथित तौर पर दबाव बनाने की कोशिश की। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू कर दी। शुरुआती कार्रवाई में एक यूट्यूबर और डीएमके से जुड़े दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस मामले में और कौन-कौन शामिल हो सकता है।
करोड़ों रुपये की पेशकश का दावा, दोनों दलों ने लगाए एक-दूसरे पर आरोप
इस विवाद के बीच राज्य के मंत्री निर्मल कुमार ने दावा किया कि कुछ टीवीके विधायकों को पार्टी बदलने के बदले करीब 15 करोड़ रुपये देने की बात कही गई थी। हालांकि, इस दावे की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस इसकी जांच कर रही है। दूसरी ओर डीएमके ने भी पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री थलापति विजय के खिलाफ जांच की मांग की है। डीएमके का आरोप है कि दूसरी ओर से भी विधायकों को प्रभावित करने की कोशिश हुई। दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर लोकतंत्र को कमजोर करने और राजनीतिक साजिश रचने के आरोप लगा रही हैं।
बीजेपी ने भी साधा निशाना, जांच के बाद ही साफ होगी तस्वीर
इस पूरे विवाद पर बीजेपी ने भी प्रतिक्रिया दी है। तमिलनाडु बीजेपी के प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने टीवीके गठबंधन पर निशाना साधते हुए इसे अवसरवादी गठबंधन बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि गठबंधन की राजनीति के कारण राज्य में अस्थिरता का माहौल बना है। वहीं, टीवीके और डीएमके अपने-अपने आरोपों पर कायम हैं। फिलहाल पुलिस सभी सबूत जुटा रही है और पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि आरोप कितने सही हैं और आगे किसके खिलाफ क्या कार्रवाई होगी।
