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इंस्टाग्राम पर ‘विशाल’ बनकर जीता भरोसा, शादी के बाद खुला ‘इरशाद’ का राज… दो महिलाओं से शादी का आरोप

कानपुर में इंस्टाग्राम पर 'विशाल' बनकर दो महिलाओं से शादी करने और बाद में असली पहचान इरशाद बताने का मामला सामने आया। पीड़िताओं ने धर्म परिवर्तन के दबाव और प्रताड़ना का आरोप लगाया।

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उत्तर प्रदेश के कानपुर के पनकी क्षेत्र से सामने आया एक मामला सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान के इस्तेमाल को लेकर कई सवाल खड़े कर रहा है। आरोप है कि एक युवक ने इंस्टाग्राम पर खुद को ‘विशाल’ बताकर दो अलग-अलग महिलाओं से संबंध बनाए और बाद में शादी भी की। महिलाओं का कहना है कि विवाह के बाद उन्हें पता चला कि युवक का वास्तविक नाम इरशाद है। इतना ही नहीं, उन्होंने आरोप लगाया कि शादी के बाद उन पर धर्म परिवर्तन करने, धार्मिक रीति-रिवाज अपनाने और उनकी इच्छा के खिलाफ कई बातें मानने का दबाव बनाया गया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों और उपलब्ध सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पहली महिला का आरोप: बेटे के जन्म के बाद बदल गया व्यवहार

हरदोई निवासी पहली पीड़िता ने पुलिस को बताया कि करीब आठ वर्ष पहले उसकी मुलाकात इंस्टाग्राम के जरिए एक युवक से हुई थी, जिसने अपना नाम विशाल बताया था। दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और बाद में मंदिर तथा कोर्ट में शादी कर ली गई। महिला का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद युवक ने अपनी असली पहचान इरशाद के रूप में बताई और शुरुआत में भरोसा दिलाया कि वह उसके धर्म और परंपराओं में कोई दखल नहीं देगा। लेकिन वर्ष 2023 में बेटे के जन्म के बाद हालात बदल गए। महिला के अनुसार, बच्चे का खतना कराने के लिए दबाव बनाया गया। विरोध करने पर उसे मांसाहार अपनाने, नमाज पढ़ने और धर्म परिवर्तन करने के लिए मजबूर किया जाने लगा। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि इन बातों का विरोध करने पर उसके साथ मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना की गई।

दूसरी महिला भी आई सामने, दोनों को एक ही मकान में रखने का आरोप

मामले में नया मोड़ तब आया जब एक दूसरी महिला भी सामने आई। उसने बताया कि वह फिलहाल गर्भवती है और उसे आरोपी की पहली शादी या उसकी वास्तविक पहचान के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उसका आरोप है कि युवक ने उससे भी अपनी पहचान छिपाकर विवाह किया। बाद में उसे पता चला कि आरोपी पहले से शादीशुदा है। दोनों महिलाओं का कहना है कि आरोपी उन्हें एक ही मकान में रखता था और समय-समय पर उनके साथ मारपीट करता था। साथ ही धार्मिक तौर-तरीके अपनाने का दबाव भी बनाता था। जब स्थिति ज्यादा गंभीर हो गई तो दूसरी महिला ने अपनी आपबीती कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं को बताई। इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंची। पुलिस मौके पर पहुंची, दोनों महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाला और आरोपी को हिरासत में ले लिया।

पुलिस जांच जारी, सबूतों के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई

पनकी के सहायक पुलिस आयुक्त अमित चौरसिया ने बताया कि दोनों महिलाओं की लिखित शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है और डिजिटल रिकॉर्ड, दस्तावेज तथा अन्य साक्ष्यों की भी पड़ताल की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध तथ्यों के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान के जरिए रिश्ते बनाने के संभावित खतरों को भी सामने लाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऑनलाइन दोस्ती या विवाह जैसे बड़े फैसले लेने से पहले संबंधित व्यक्ति की पहचान और पृष्ठभूमि की पूरी तरह जांच करना बेहद जरूरी है। वहीं, इस मामले में लगाए गए सभी आरोप फिलहाल जांच के दायरे में हैं और अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।

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