Homeदेशखामनेई की अंतिम विदाई: भारत के इन नेताओं को मिला ईरान से...

खामनेई की अंतिम विदाई: भारत के इन नेताओं को मिला ईरान से बुलावा, महाविदाई में उमड़ेगा करोड़ों का सैलाब!

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामनेई के अंतिम संस्कार को लेकर बड़ी खबर! भारत से कौन होगा शामिल? जानिए नितिन नबीन, मल्लिकार्जुन खरगे को मिले न्योते और महाविदाई के पूरे शेड्यूल की इनसाइड स्टोरी।

-

ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद अब उनके अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही हैं। इस ऐतिहासिक और भावुक पल का गवाह बनने के लिए ईरान सरकार ने भारत के प्रमुख राजनीतिक दिग्गजों को विशेष निमंत्रण भेजा है। ईरान की तरफ से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष नितिन नबीन और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को इस अंतिम संस्कार में शामिल होने का न्योता मिला है। इससे पहले खुद ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था, जो दोनों देशों के मजबूत राजनयिक संबंधों की गहराई को दर्शाता है।

भारत की तरफ से कौन संभालेगा कमान?

दुनिया के इस सबसे बड़े घटनाक्रम में भारत की तरफ से प्रतिनिधित्व कौन करेगा, इसे लेकर भी तस्वीरें साफ हो चुकी हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत सरकार की ओर से विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन ईरान जा सकते हैं। दोनों दिग्गज अगले हफ्ते होने वाले अंतिम संस्कार के कार्यक्रमों में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। चूंकि भारत और ईरान के रिश्ते हमेशा से बेहद संवेदनशील और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रहे हैं, इसलिए इस दौरे को वैश्विक राजनीति के नजरिए से बेहद अहम माना जा रहा है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी यह साफ करती है कि संकट की इस घड़ी में भारत अपने पुराने मित्र देश के साथ खड़ा है।

5 दिन तक चलेगा विदाई का सिलसिला

अयातुल्ला खामनेई के अंतिम सफर को लेकर ईरान की सरकारी मीडिया आईआरएनए (IRNA) ने जो दावे किए हैं, वो हैरान करने वाले हैं। अनुमान है कि इस अंतिम विदाई में 1.2 करोड़ से लेकर 2 करोड़ तक लोग शामिल हो सकते हैं। इतनी भारी भीड़ को देखते हुए राजधानी तेहरान में सुरक्षा, यातायात और स्वास्थ्य सेवाओं के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। विदाई का यह सिलसिला 5 से 9 जुलाई तक चलेगा। शुरुआत 4 और 5 जुलाई को तेहरान के इमाम खुमैनी मोसाला प्रार्थना हॉल में श्रद्धांजलि सभा से होगी। इसके बाद 6 और 7 जुलाई को तेहरान और कोम शहर में विशाल अंतिम यात्रा निकाली जाएगी, जिसके चलते पूरे शहर में ट्रैफिक और वाहनों की आवाजाही पूरी तरह सीमित रहेगी। 9 जुलाई को उत्तर-पूर्वी शहर मशहद में शिया संप्रदाय के पवित्र स्थल इमाम रजा दरगाह परिसर में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

हमले में तबाह हुआ था खामनेई का परिवार

आपको बता दें कि 86 वर्षीय अयातुल्ला खामनेई पिछले 36 सालों से ईरान की सत्ता और सियासत के सबसे मजबूत स्तंभ थे। बीते 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के एक संयुक्त हमले में उनकी मौत हो गई थी, जिसकी आधिकारिक घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की थी। यह हमला कितना भीषण था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें न सिर्फ खामनेई, बल्कि उनके परिवार के चार अन्य सदस्य भी मारे गए। ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, इस हमले में खामेनेई की बेटी, दामाद और एक नाती ने भी अपनी जान गंवा दी। परिवार के खात्मे और सर्वोच्च नेता की मौत ने ईरान को अंदर तक हिलाकर रख दिया है और अब पूरा देश अपने इस नेता को अंतिम सलामी देने की तैयारी में डूबा है।

Read More-महबूबा मुफ्ती ने PM मोदी को लिखा ऐसा संदेश, भारत-पाक रिश्तों को लेकर कही बड़ी बात, बढ़ी राजनीतिक चर्चा

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest posts