अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। इस केस में गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों को अदालत ने 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने जांच के दौरान कई अहम दस्तावेज बरामद किए हैं और आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी भी की गई। रविवार को एक साथ की गई इस कार्रवाई में कई संदिग्ध दस्तावेज मिले, जिनकी जांच अब आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सोमवार को कोर्ट में पेशी के दौरान रिमांड की मांग की जा सकती है ताकि मामले की गहराई से जांच की जा सके।
TMC का BJP पर तीखा हमला
इस पूरे मामले पर अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। TMC की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर भारतीय जनता पार्टी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस राम मंदिर को दशकों तक बीजेपी और RSS ने अपनी हिंदुत्व राजनीति का केंद्र बताया, उसी से जुड़े गंभीर आरोप अब सामने आ रहे हैं। सागरिका घोष ने लिखा कि यह मामला बीजेपी की राजनीतिक और नैतिक साख पर बड़ा सवाल खड़ा करता है और पार्टी के “आस्था आधारित आंदोलन” की विश्वसनीयता पर भी असर डालता है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।
पुलिस जांच और आरोपियों पर कार्रवाई तेज
जांच एजेंसियों ने मामले में तेजी दिखाते हुए सभी आठ आरोपियों के घरों पर छापेमारी की। इनमें लव कुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, रामाशंकर यादव, मनीष यादव समेत अन्य आरोपी शामिल हैं। तलाशी के दौरान पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं, जिनमें आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक खातों से जुड़े कागजात शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि ये सभी आरोपी मंदिर में दान के रूप में प्राप्त नकदी और कीमती सामान की गिनती से जुड़े कार्य में तैनात थे, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
कोर्ट में अगली सुनवाई पर टिकी नजरें
अयोध्या की अदालत ने सभी आरोपियों को 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजते हुए मामले की सुनवाई आगे बढ़ाई है। अब सभी की नजरें सोमवार की पेशी पर टिकी हैं, जहां पुलिस रिमांड की मांग कर सकती है। अगर रिमांड मिलती है तो पूछताछ में कई और बड़े खुलासे सामने आने की संभावना जताई जा रही है। वहीं राजनीतिक बयानबाजी के चलते यह मामला अब सिर्फ कानूनी नहीं बल्कि सियासी बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है। आने वाले दिनों में इस केस से जुड़े और भी तथ्य सामने आ सकते हैं।
