समाजवादी पार्टी की मुरादाबाद सांसद रुचि वीरा और विधायक कमाल अख्तर के बीच चल रहा विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। जानकारी के अनुसार, रुचि वीरा अपनी शिकायत लेकर लखनऊ में पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव से मिलने पहुंचीं। उन्होंने कमाल अख्तर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसी दौरान बैठक में कमाल अख्तर भी मौजूद थे। दोनों नेताओं ने अपनी-अपनी बात रखी और बहस शुरू हो गई। कुछ समय तक बैठक का माहौल काफी गर्म रहा। इसके बाद अखिलेश यादव ने दोनों पक्षों की बातें ध्यान से सुनीं।
दोनों नेताओं ने लगाए एक-दूसरे पर आरोप
बैठक में कमाल अख्तर ने कहा कि लोकसभा चुनाव के समय उन्होंने रुचि वीरा का पूरा साथ दिया था, लेकिन सांसद बनने के बाद उन्होंने पार्टी के कई नेताओं से दूरी बना ली। उनका यह भी कहना था कि पार्टी के कार्यक्रमों और पोस्टरों में दूसरे नेताओं को जगह नहीं दी जाती। वहीं, रुचि वीरा का आरोप है कि उन्हें पार्टी की कई बैठकों और कार्यक्रमों में नहीं बुलाया गया। इसी वजह से उन्होंने पार्टी नेतृत्व से शिकायत की और कार्रवाई की मांग की।
चुनाव से पहले बढ़ी पार्टी की परेशानी
विधानसभा चुनाव नजदीक आने के कारण इस विवाद को अहम माना जा रहा है। चर्चा है कि मुरादाबाद में टिकट और संगठन को लेकर दोनों नेताओं के बीच मतभेद बढ़ गए हैं। कमाल अख्तर का कहना है कि पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं है, जबकि रुचि वीरा का मानना है कि कुछ लोग उन्हें नजरअंदाज कर रहे हैं। इस विवाद के कारण पार्टी के अंदर हलचल बढ़ गई है और कार्यकर्ताओं के बीच भी कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
अखिलेश यादव ने जांच का दिया भरोसा
दोनों नेताओं की बातें सुनने के बाद अखिलेश यादव ने किसी के खिलाफ तुरंत कार्रवाई नहीं की। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने का भरोसा दिया है। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि चुनाव से पहले सभी नेता मिलकर काम करें और विवाद को जल्द खत्म किया जाए। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच के बाद पार्टी क्या फैसला लेती है और मुरादाबाद में चल रहा यह विवाद कैसे खत्म होता है।
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