कतर के रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी स्थित एलएनजी गैस कॉम्प्लेक्स में हुए भीषण विस्फोट और आग की घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में कुल 13 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 12 भारतीय नागरिक शामिल हैं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आपातकालीन सेवाओं को तत्काल सक्रिय करना पड़ा। कतर ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, यह हादसा बरजान गैस सप्लाई सुविधा में हुआ, जो कतरएनर्जी एलएनजी द्वारा संचालित की जाती है। शुरुआती जांच में तकनीकी खराबी की संभावना जताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक जांच अभी जारी है।
कतर के अमीर ने जताया दुख
हादसे के बाद कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी ने गहरा दुख व्यक्त किया और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत की। पीएम मोदी ने इस दुखद घटना में जान गंवाने वाले भारतीय नागरिकों के प्रति संवेदना जताने के लिए कतर के अमीर का आभार प्रकट किया। दोनों नेताओं ने मृतकों के परिवारों के दुख में साझेदारी व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। इस बातचीत में यह भी सहमति बनी कि दोनों देश अपने नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे। साथ ही क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को लेकर भी विचार साझा किए गए।
I thank His Highness the Amir of Qatar for his phone call and condolences on the loss of lives of Indian nationals in the tragic accident at Ras Laffan Industrial City in Qatar.
We both share the grief of the families who have lost their loved ones and pray for the speedy…
— Narendra Modi (@narendramodi) June 23, 2026
भारत–कतर सहयोग और राहत कार्यों पर बनी सहमति
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार, बातचीत के दौरान भारत और कतर ने द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई। पीएम मोदी ने हादसे के बाद कतर सरकार द्वारा घायलों को तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने और प्रभावित परिवारों की मदद के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। दोनों देशों ने इस कठिन समय में एक-दूसरे के साथ खड़े रहने का भरोसा दोहराया। भारतीय दूतावास दोहा में लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। राहत और बचाव कार्यों में स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय जारी है।
जांच के बीच बढ़ी चिंता, घायलों की संख्या 66 तक पहुंची
कतर के ऊर्जा राज्य मंत्री साद शरीदा अल-काबी ने जानकारी दी कि हादसे में 66 लोग घायल हुए हैं और सभी का इलाज जारी है। भारतीय दूतावास ने भी पुष्टि की है कि मृतकों में 12 भारतीय शामिल हैं और उनके परिजनों को सूचना दे दी गई है। घटना के बाद से भारत और कतर के बीच लगातार संपर्क बना हुआ है। दोनों देश मिलकर राहत, सहायता और आगे की कार्रवाई पर काम कर रहे हैं। इस दर्दनाक हादसे ने न सिर्फ प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि औद्योगिक सुरक्षा मानकों को लेकर भी गंभीर चर्चा शुरू कर दी है।
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