देश की प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस में जल्द ही बड़े संगठनात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों और भविष्य की राजनीतिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के अनुसार, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) में कई अहम पदों पर बदलाव की योजना बनाई जा रही है। माना जा रहा है कि कुछ महासचिवों, प्रदेश प्रभारियों और प्रदेश अध्यक्षों की जिम्मेदारियों में फेरबदल किया जाएगा। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि संगठन को अधिक सक्रिय और चुनावी रूप से प्रभावी बनाने के लिए नए चेहरों को अवसर देना जरूरी है। यही वजह है कि आने वाले दिनों में कांग्रेस के भीतर कई बड़े फैसले सामने आ सकते हैं।
कई महासचिव और राष्ट्रीय सचिव हो सकते हैं बाहर
जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस संगठन में चार महासचिवों की भूमिका में बदलाव या उनकी विदाई की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा करीब दो दर्जन से अधिक राष्ट्रीय सचिवों की जिम्मेदारियों की भी समीक्षा की जा रही है। वर्तमान में बड़ी संख्या में राष्ट्रीय सचिव कार्यरत हैं, लेकिन संगठन को अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए संख्या कम करने पर विचार किया जा रहा है। पार्टी नेतृत्व प्रदर्शन, संगठनात्मक सक्रियता और राज्यों में राजनीतिक प्रभाव जैसे पहलुओं के आधार पर मूल्यांकन कर रहा है। माना जा रहा है कि जिन नेताओं को नई जिम्मेदारियां मिली हैं या जो अपने राज्यों में अन्य महत्वपूर्ण पद संभाल रहे हैं, उन्हें संगठनात्मक पदों से हटाकर नए नेताओं को मौका दिया जा सकता है।
कई राज्यों के प्रभारी बदलने की तैयारी
सूत्रों का कहना है कि हरियाणा, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु और राजस्थान समेत कई राज्यों के प्रभारियों में बदलाव हो सकता है। कुछ नेता हाल ही में अपने-अपने राज्यों में नई राजनीतिक जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं, जिसके चलते पार्टी संगठन में नई नियुक्तियों का रास्ता साफ होता दिखाई दे रहा है। कांग्रेस नेतृत्व चाहता है कि राज्यों में ऐसे प्रभारी नियुक्त किए जाएं जो पूरी तरह संगठनात्मक कार्यों पर ध्यान दे सकें और चुनावी रणनीति को प्रभावी ढंग से लागू कर सकें। इसी वजह से कई राज्यों में नए प्रभारी नियुक्त किए जाने की संभावना बढ़ गई है। इन बदलावों का मकसद राज्य इकाइयों और केंद्रीय नेतृत्व के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना भी माना जा रहा है।
यूपी, पंजाब और दिल्ली समेत कई राज्यों में बदल सकते हैं प्रदेश अध्यक्ष
कांग्रेस के भीतर सबसे ज्यादा चर्चा प्रदेश अध्यक्षों में संभावित बदलाव को लेकर हो रही है। सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान और तमिलनाडु जैसे राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति पर विचार किया जा रहा है। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश और पंजाब में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं, इसलिए इन राज्यों में संगठन को मजबूत करने के लिए नेतृत्व परिवर्तन को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी के सामने कई राज्यों में गुटबाजी और संगठनात्मक कमजोरी जैसी चुनौतियां हैं, जिन्हें दूर करने के लिए नए नेतृत्व को मौका दिया जा सकता है। कांग्रेस नेतृत्व की कोशिश है कि चुनावी मैदान में उतरने से पहले संगठन को पूरी तरह सक्रिय और एकजुट किया जाए। ऐसे में आने वाले दिनों में कांग्रेस संगठन में बड़े स्तर पर फेरबदल की आधिकारिक घोषणा हो सकती है, जिस पर राजनीतिक गलियारों की नजर बनी हुई है।
