NEET री-एग्जाम से पहले एक छात्र का एडमिट कार्ड सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। नागपुर के रहने वाले एक छात्र ने दावा किया कि जब उसने परीक्षा से एक दिन पहले अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड किया, तो उसमें परीक्षा केंद्र अबूधाबी दिखाया गया। छात्र और उसके परिवार के लिए यह किसी बड़े झटके से कम नहीं था। परिवार का कहना है कि उनके पास विदेश जाने की तैयारी के लिए न समय था और न ही जरूरी संसाधन। छात्र के पास पासपोर्ट भी नहीं है, ऐसे में परीक्षा में शामिल होना लगभग असंभव लग रहा था।
मामले ने पकड़ा तूल, राहुल गांधी ने उठाए सवाल
इस मामले के सामने आने के बाद कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि एक छात्र महीनों से परीक्षा की तैयारी कर रहा था, लेकिन परीक्षा केंद्र की इस गलती ने उसे मानसिक तनाव में डाल दिया। राहुल गांधी ने कहा कि जब किसी छात्र के पास पासपोर्ट नहीं है और परिवार विदेश भेजने में सक्षम नहीं है, तो ऐसी स्थिति उसकी मेहनत और भविष्य दोनों पर असर डाल सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों की जिम्मेदारी है कि छात्रों को समय पर और सही जानकारी मिले।
छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता
इस घटना के बाद कई छात्रों और अभिभावकों ने परीक्षा केंद्र आवंटन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ऐसी गलतियां छात्रों के आत्मविश्वास को प्रभावित करती हैं और परीक्षा से पहले अनावश्यक दबाव पैदा करती हैं। सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में लोग इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई यूजर्स ने परीक्षा प्रणाली को और पारदर्शी तथा जवाबदेह बनाने की मांग की है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में तकनीकी और प्रशासनिक चूक से बचने के लिए मजबूत व्यवस्था की जरूरत है, ताकि छात्रों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
NTA ने जांच शुरू की, नागपुर में नया सेंटर देने का आश्वासन
मामले के तूल पकड़ने के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने सफाई देते हुए कहा कि शिकायत मिलने के तुरंत बाद इसकी जांच शुरू कर दी गई है। एजेंसी के अनुसार, छात्र की समस्या का समाधान किया जा रहा है और जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे नागपुर में ही नया परीक्षा केंद्र आवंटित किया जाएगा। NTA ने कहा कि छात्रों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए सभी शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल, इस मामले ने परीक्षा प्रबंधन और केंद्र आवंटन प्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि एजेंसी भविष्य में ऐसी गलतियों को रोकने के लिए क्या कदम उठाती है।
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