दुनिया के कई देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन भारत को लेकर सरकार ने अलग तस्वीर पेश की है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दावा किया है कि मई 2022 से मई 2026 के बीच देश में ईंधन की कीमतों में कुल 3.1 प्रतिशत की कमी आई है। ऐसे समय में जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कई बार तेजी से बढ़ीं, भारत में आम लोगों को अपेक्षाकृत राहत मिली। सरकार का कहना है कि इसके पीछे कई आर्थिक और नीतिगत फैसले जिम्मेदार हैं।
दुनिया में बढ़े दाम, भारत ने रखा नियंत्रण
सरकार के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान, श्रीलंका, अमेरिका और यूरोप के कई देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी हुई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और कई भू-राजनीतिक घटनाओं का असर दुनियाभर के बाजारों पर पड़ा। इसके बावजूद भारत में कीमतों को नियंत्रण में रखने की कोशिश की गई। सरकार का कहना है कि अगर वैश्विक बाजार का पूरा असर सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचता, तो ईंधन काफी महंगा हो सकता था। इसी वजह से भारत में कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी देखने को नहीं मिली।
टैक्स में राहत और सरकारी प्रयासों का असर
सरकार ने बताया कि आम लोगों पर बोझ कम करने के लिए समय-समय पर टैक्स में कटौती की गई। इसके अलावा सरकारी तेल कंपनियों ने भी कई बार बढ़ी हुई लागत का पूरा भार ग्राहकों पर नहीं डाला। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया, लेकिन इसके बावजूद देश में ईंधन की कीमतों को संतुलित रखने की कोशिश जारी रही। सरकार का दावा है कि इस प्रक्रिया में उसे राजस्व के स्तर पर भी बड़ा नुकसान उठाना पड़ा, लेकिन उपभोक्ताओं को राहत देना प्राथमिकता रही।
कालाबाजारी रोकने के लिए उठाए गए कदम
सरकार ने यह भी साफ किया कि केवल कीमतों को नियंत्रित करना ही लक्ष्य नहीं था, बल्कि ईंधन की उपलब्धता बनाए रखना भी जरूरी था। इसी को ध्यान में रखते हुए कुछ नए नियम लागू किए गए हैं। बड़े पैमाने पर डीजल खरीदकर कालाबाजारी करने वालों पर नजर रखने के लिए प्रति वाहन डीजल खरीद की सीमा तय की गई है। अधिकारियों का कहना है कि इससे आम लोगों के लिए पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता बेहतर बनी रहेगी। आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति पर नजर रखते हुए आगे के फैसले लिए जाएंगे, लेकिन फिलहाल सरकार का दावा है कि भारत ने वैश्विक ईंधन संकट के बीच अपने नागरिकों को राहत देने में सफलता हासिल की है।
