पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण सिंह अक्सर अपने बेबाक और आक्रामक बयानों के लिए जाने जाते हैं, लेकिन इस बार उन्होंने एक ऐसा दावा कर दिया है जिससे राजनीतिक गलियारों से लेकर आम जनता के बीच खलबली मच गई है। दिल्ली से लौटकर उत्तर प्रदेश के गोंडा स्थित अपने विश्नोहरपुर आवास पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर दानपात्र प्रकरण को लेकर एक बहुत बड़ा बयान दिया है। उनके इस बयान के बाद से कई तरह की अटकलें लगाई जाने लगी हैं और हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर वह किस ‘बड़े सच’ की बात कर रहे हैं।
“अभी मुंह खोला तो आ जाएगी आफत” — राम मंदिर मामले पर सस्पेंस
पत्रकारों से रूबरू होते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने राम मंदिर दानपात्र से जुड़े विवाद पर खुलकर तो कुछ नहीं कहा, लेकिन एक बड़ा सस्पेंस जरूर छोड़ दिया। उन्होंने बेहद गंभीर लहजे में कहा कि इस पूरे मामले के पीछे बहुत बड़े-बड़े लोग शामिल हैं। उन्होंने आगे जोड़ा, “यदि मैं आज ही इस पूरे मामले की कड़वी सच्चाई देश के सामने रख दूंगा, तो खुद बहुत बड़ी मुसीबत और परेशानी में घिर जाऊंगा।” पूर्व सांसद ने साफ किया कि वह फिलहाल इस संवेदनशील मुद्दे पर और ज्यादा बोलकर माहौल को गरमाना नहीं चाहते हैं, लेकिन उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि वह हमेशा शांत नहीं रहेंगे और सही समय आने पर पूरे प्रकरण का सच सबके सामने लाकर रहेंगे।
लंबे समय बाद गोंडा वापसी और पहलवान विवाद पर चर्चा
पिछले काफी समय से देश की राजधानी दिल्ली में डटे रहने के बाद जब बृजभूषण शरण सिंह अपने गृह जनपद गोंडा पहुंचे, तो उनके समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने दिल्ली में अपनी लंबी मौजूदगी का कारण भी बताया। उन्होंने कहा कि वह पिछले कई महीनों से दिल्ली में महिला पहलवानों से जुड़े कानूनी और सामाजिक विवादों को सुलझाने में बेहद व्यस्त थे। कोर्ट-कचहरी और उस पूरे मामले को ठीक से संभालने के कारण ही वह अपने क्षेत्र की जनता के बीच नहीं आ पा रहे थे। हालांकि, अब वह वापस लौट आए हैं और क्षेत्र के लोगों के बीच सक्रिय रहेंगे।
नीट पेपर लीक पर शिक्षा मंत्री का बचाव और तंत्र पर हमला
देशभर में चल रहे नीट (NEET) पेपर लीक मामले पर जब पत्रकारों ने उनसे सवाल किया, तो उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का खुलकर बचाव किया। बृजभूषण ने कहा कि किसी भी पेपर लीक की घटना के बाद सीधे मंत्री का इस्तीफा मांगना समस्या का हल नहीं है। किसी एक व्यक्ति के पद छोड़ने से देश में पेपर लीक जैसी बुराइयां खत्म नहीं हो जाएंगी। उन्होंने व्यवस्था की खामियों को उजागर करते हुए कहा कि पेपर लीक के पीछे एक बहुत बड़ा संगठित माफिया और तंत्र काम करता है, जिसमें निचले स्तर से लेकर उच्च स्तर तक के अधिकारी और कर्मचारी मिले होते हैं। समाधान यह है कि इन दोषियों को पकड़कर इनके खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई की जाए जो मिसाल बने, क्योंकि कोई भी मंत्री अकेले हर परीक्षा केंद्र पर नजर नहीं रख सकता।
राहुल गांधी पर तीखा तंज और भाजपा की राह आसान होने का दावा
बयानबाजी का यह सिलसिला यहीं नहीं थमा, बृजभूषण शरण सिंह ने कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि आज के समय में देश का कोई भी गंभीर नागरिक राहुल गांधी की बातों को तवज्जो नहीं देता है। उन्होंने भाजपा की राजनीतिक स्थिति पर संतोष जताते हुए कहा कि जब तक कांग्रेस पार्टी की कमान राहुल गांधी के हाथों में सुरक्षित है, तब तक भारतीय जनता पार्टी को देश की राजनीति में किसी भी बड़ी चुनौती का सामना नहीं करना पड़ेगा। उनके अनुसार, राहुल गांधी का नेतृत्व परोक्ष रूप से भाजपा के लिए एक बड़ी सियासी राहत की तरह है।
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