पत्रकार अंजना ओम कश्यप और खान सर के बीच छिड़ा विवाद अब अदालत की चौखट तक पहुंच चुका है। दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में फिलहाल अंजना ओम कश्यप को कोई तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि पहले सभी पक्षों का जवाब सुना जाएगा, उसके बाद ही किसी अंतरिम आदेश पर विचार किया जाएगा। इस मामले की अगली सुनवाई 17 जून को निर्धारित की गई है। दरअसल, अंजना ओम कश्यप और टीवी टुडे नेटवर्क की ओर से अदालत में एक मानहानि मुकदमा दायर किया गया था, जिसमें सोशल मीडिया और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारित कथित अपमानजनक सामग्री को हटाने की मांग की गई थी। साथ ही भविष्य में ऐसे पोस्ट और वीडियो प्रकाशित करने पर रोक लगाने और दो करोड़ रुपये के हर्जाने की भी मांग की गई थी। हालांकि अदालत ने तुरंत राहत देने के बजाय पहले सभी आरोपियों को अपना पक्ष रखने का अवसर देने का फैसला किया।
क्या है पूरा विवाद, कैसे शुरू हुई कानूनी लड़ाई?
इस विवाद की शुरुआत मई के अंतिम सप्ताह में हुई थी। बताया जा रहा है कि एक टीवी कार्यक्रम के दौरान अंजना ओम कश्यप ने शिक्षा क्षेत्र में बढ़ते व्यवसायीकरण और ऑनलाइन पढ़ाने वाले लोकप्रिय शिक्षकों के बढ़ते प्रभाव पर टिप्पणी की थी। अंजना का कहना है कि यह टिप्पणी पूरी तरह पत्रकारिता के दायरे में सार्वजनिक हित से जुड़े मुद्दे पर की गई थी। लेकिन इसके बाद सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ कई पोस्ट, वीडियो और टिप्पणियां सामने आईं। याचिका में आरोप लगाया गया है कि 30 मई से 4 जून के बीच खान सर समेत कई लोगों ने उनके और इंडिया टुडे समूह के खिलाफ सोशल मीडिया अभियान चलाया। मुकदमे में खान सर के अलावा शिक्षक अभिनय शर्मा, बबीता त्यागी, अरविंद भदौरिया, कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स और एक डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म को भी पक्षकार बनाया गया है। याचिका के अनुसार कई पोस्ट और वीडियो में अंजना ओम कश्यप और उनके संस्थान के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा।
स्कूल का नाम उजागर करने का आरोप, कोर्ट में उठा नया मुद्दा
अंजना ओम कश्यप की याचिका में एक और गंभीर आरोप लगाया गया है। दावा किया गया है कि खान सर ने सार्वजनिक मंच से उनके बच्चे के स्कूल का नाम उजागर किया, जबकि उसका विवाद से कोई संबंध नहीं था। याचिका में कहा गया है कि ऐसी जानकारी सार्वजनिक करने से परिवार की निजता प्रभावित हो सकती है और सुरक्षा संबंधी जोखिम भी बढ़ सकते हैं। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से यह आपत्ति भी उठाई गई कि अलग-अलग घटनाओं और अलग-अलग लोगों से जुड़े मामलों को एक ही याचिका में शामिल किया गया है। उनका तर्क था कि प्रत्येक विवाद के लिए अलग कानूनी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए। वहीं अंजना की ओर से अदालत को बताया गया कि सोशल मीडिया पर लगातार चल रहे कथित अपमानजनक अभियान से उनकी छवि प्रभावित हो रही है, इसलिए तत्काल हस्तक्षेप जरूरी है। हालांकि अदालत ने फिलहाल किसी भी पक्ष के पक्ष में कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया।
पटना में भी बढ़ी खान सर की परेशानी, गोलीबारी और सुरक्षा जांच का मामला
दिल्ली हाईकोर्ट में चल रहे मानहानि विवाद के बीच खान सर एक अन्य मामले को लेकर भी चर्चा में हैं। पटना स्थित उनके संस्थान के बाहर हुई कथित गोलीबारी की घटना की जांच अभी जारी है। शुरुआती आरोपों में प्रतिद्वंद्वी कोचिंग संस्थान से जुड़े लोगों का नाम सामने आया था, लेकिन बाद में पुलिस ने खान सर के सुरक्षा गार्डों से पूछताछ की। जांच के दौरान कुछ ऐसे दावे सामने आए जिनके आधार पर पुलिस ने खान सर के खिलाफ भी विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। हालांकि उनके वकील इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कह रहे हैं। इसके अलावा राज्यव्यापी सुरक्षा जांच अभियान के तहत उनके संस्थान का निरीक्षण भी किया गया, जिसमें कई जरूरी अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की कमी पाई गई। संबंधित विभाग ने संस्थान को निर्धारित समय के भीतर कमियां दूर करने का निर्देश दिया है। ऐसे में एक तरफ मानहानि का मामला अदालत में है तो दूसरी ओर प्रशासनिक और आपराधिक जांचों ने भी खान सर की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अब सभी की नजर 17 जून को होने वाली सुनवाई पर टिकी है, जहां इस चर्चित विवाद में अदालत का अगला रुख सामने आएगा।SEO Meta Description
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