प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी (बनारस) से बीजेपी के अंदर की लड़ाई का एक बड़ा मामला सामने आया है। चुनाव के माहौल के बीच बीजेपी नेताओं की आपसी रंजिश अब खुलकर सड़क पर आ गई है। यहाँ एक कार्यक्रम के दौरान बीजेपी के ही एक पार्षद अपनी पार्टी के विधायक से इतने ज्यादा नाराज और दुखी हो गए कि वे सबके सामने फूट-फूटकर रोने लगे। पार्षद का यह रोता हुआ वीडियो अब हर तरफ वायरल हो रहा है, जिसने पार्टी के अंदर खलबली मचा दी है। लोग हैरान हैं कि सत्ताधारी पार्टी के नेता ही आपस में इस तरह भिड़ रहे हैं।
“विधायक हमें नहीं देते इज्जत” – पार्षद का छलका दर्द
यह पूरा विवाद बनारस की सबसे खास ‘दक्षिणी विधानसभा सीट’ का है। यहाँ के काल भैरव वार्ड से बीजेपी के जीते हुए पार्षद संजय गुजराती ने अपनी ही पार्टी के विधायक डॉक्टर नीलकंठ तिवारी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संजय गुजराती का आरोप है कि विधायक साहब उन्हें इलाके के कामों में कोई तवज्जो (महत्व) नहीं देते और न ही कोई इज्जत देते हैं। पार्षद ने दुखी मन से कहा, “जनता ने हमें चुनकर भेजा है, इसलिए इलाके की जो भी बात हो, वो हमसे होनी चाहिए, किसी और से नहीं।” अपनी अनदेखी की बात बताते-बताते पार्षद संजय गुजराती इतने भावुक हो गए कि कैमरे के सामने ही उनके आंसू निकल आए।
अब बड़े नेताओं की अदालत में पहुंचेगा यह झगड़ा
रोते हुए पार्षद संजय गुजराती ने साफ कह दिया है कि वे इस बर्ताव को चुपचाप सहन नहीं करेंगे। उन्होंने मीडिया के सामने एलान किया कि वे विधायक नीलकंठ तिवारी के इस रवैए की शिकायत बीजेपी संगठन के बड़े नेताओं से करेंगे। इस घटना के बाद से पूरी विधानसभा के लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या चुनाव से ठीक पहले विधायक के खिलाफ उनके अपने ही साथियों ने बगावत शुरू कर दी है। अगर यह झगड़ा जल्दी शांत नहीं हुआ, तो आने वाले चुनाव में पार्टी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
पीएम मोदी ने जिस विधायक की तारीफ की, उन्हीं पर उठे सवाल
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह विवाद बीजेपी के सबसे मजबूत किले में हुआ है। डॉक्टर नीलकंठ तिवारी यहाँ से लगातार दो बार (2017 और 2022) से विधायक बन रहे हैं। अभी कुछ दिनों पहले जब पीएम मोदी बनारस आए थे, तो उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम में नीलकंठ तिवारी की पीठ भी थपथपाई थी। विधायक नीलकंठ तिवारी को इलाके में सादगी से घूमने और शांत रहने के लिए जाना जाता है। लेकिन अब उनकी ही पार्टी के पार्षद के इस तरह रोने और बगावत करने से बनारस की राजनीति गरमा गई है।
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