उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से साइबर अपराध का एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसे सुनकर हर कोई दंग है। यहाँ लोगों को इंसाफ दिलाने और उनकी सुरक्षा करने वाली एक महिला दरोगा खुद ही ऑनलाइन ठगों का शिकार हो गई हैं। लखनऊ के बीकेटी (बख्शी का तालाब) महिला थाने में तैनात पीड़ित महिला दारोगा के साथ हुई इस ठगी के बाद पूरी पुलिस में हड़कंप मच गया है। जालसाजों ने बेहद शातिराना अंदाज में महिला दरोगा का मोबाइल हैक किया और उनके बैंक खातों में सेंध लगाकर कुल 1.64 लाख रुपये पार कर दिए। इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि जब पुलिस ही सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता साइबर ठगों से खुद को कैसे बचाएगी?
मोबाइल अपडेट का धोखा: एक घंटे में खाली हो गए दो बैंक खाते
इस शातिर ठगी की शुरुआत दोपहर करीब पौने दो बजे हुई। महिला दारोगा अपने काम में व्यस्त थीं कि अचानक उनके मोबाइल फोन की स्क्रीन पर ‘ऑटो अपडेट’ लिखा हुआ आने लगा। उन्हें लगा कि यह फोन का कोई आम सॉफ्टवेयर अपडेट है, इसलिए उन्होंने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। लेकिन यह कोई साधारण अपडेट नहीं बल्कि उनका फोन हैक होने का खेल था। लगभग एक घंटे तक मोबाइल में यह अजीब सी प्रक्रिया चलती रही और इसके बाद फोन अचानक पूरी तरह से रीसेट (फॉर्मेट) हो गया। जब फोन दोबारा चालू हुआ, तो महिला दारोगा के होश उड़ गए। उनके मोबाइल पर बैंक ऑफ बड़ौदा और एसबीआई (SBI) से पैसे कटने के धड़ाधड़ मैसेज आए हुए थे। ठगों ने गूगल पे के जरिए उनके खातों से 1.64 लाख रुपये साफ कर दिए थे।
चेक से निकाले पैसे: ठगों ने ऐसे दिया पूरी साजिश को अंजाम
खाते से पैसे कटने का पता चलते ही महिला दारोगा ने बिना वक्त गंवाए तुरंत साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई और अपने दोनों बैंक खातों को ब्लॉक करवाया। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। जांच में सामने आया कि ठगों ने गूगल पे के माध्यम से 65,000 रुपये और बाकी के 99,000 रुपये शुभम भारती और आकाश कुमार नाम के दो लड़कों के बैंक खातों में ट्रांसफर किए थे। हैरान करने वाली बात यह है कि जैसे ही पैसे ट्रांसफर हुए, आरोपी शुभम भारती ने लखनऊ के वृंदावन योजना स्थित एक्सिस बैंक की ब्रांच में पहुंचकर चेक के जरिए 99,000 रुपये कैश भी निकाल लिए। अपराधियों का यह नेटवर्क इतना तेज था कि पुलिस को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
जांच में जुटी पुलिस: साइबर फ्रॉड से बचने के लिए सतर्कता जरूरी
महिला सब इंस्पेक्टर की शिकायत पर लखनऊ पुलिस ने तुरंत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस और साइबर सेल की टीमें मिलकर उन बैंक खातों की जांच कर रही हैं, जिनमें पैसे ट्रांसफर किए गए थे। सीसीटीवी फुटेज और बैंक डिटेल्स के जरिए शुभम भारती और आकाश कुमार की तलाश तेज कर दी गई है। इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि साइबर ठग अब किसी को भी अपना निशाना बना सकते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और यदि फोन अपने आप बंद या अपडेट होने लगे, तो तुरंत अपना इंटरनेट बंद कर दें। फिलहाल पुलिस जल्द ही आरोपियों को पकड़ने का दावा कर रही है।
