देशभर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों और शिक्षकों में भारी गुस्सा है। इसी बीच पटना के मशहूर शिक्षक खान सर का एक बेहद आक्रामक बयान सामने आया है, जिसने इस पूरे विवाद को एक नया मोड़ दे दिया है। खान सर ने सरकार के उस फैसले पर सवाल उठाया है जिसमें पेपर पहुंचाने के लिए एयरफोर्स की मदद लेने की बात कही जा रही है। अपनी क्लास में छात्रों को संबोधित करते हुए खान सर ने बेहद कड़े शब्दों में कहा कि समस्या पेपर को सेंटर्स तक पहुंचाने में नहीं थी, बल्कि समस्या वहां है जहां पेपर छप रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मलेरिया की बीमारी में टाइफाइड का इंजेक्शन लगाने से इलाज नहीं होता। जब तक जड़ पर प्रहार नहीं होगा, तब तक इस धांधली को रोक पाना नामुमकिन है।
क्लासरूम में गूंजी एनकाउंटर की मांग: छात्रों से पूछा यह बड़ा सवाल
खान सर यहीं नहीं रुके, उन्होंने पेपर लीक माफियाओं और इस खेल में शामिल भ्रष्ट शिक्षकों के खिलाफ सीधे तौर पर फांसी और एनकाउंटर जैसी सख्त सजा की मांग कर दी है। अपनी क्लास में मौजूद सैकड़ों छात्रों की तरफ इशारा करते हुए खान सर ने कहा, “जो टीचर इस घिनौने काम में पकड़े गए हैं, उन्हें अभी तक फांसी क्यों नहीं हुई? उनका एनकाउंटर क्यों नहीं किया गया और उनके घरों पर बुलडोजर क्यों नहीं चला?” उन्होंने क्लास में बैठे भविष्य के पुलिस अफसरों (छात्रों) से जब पूछा कि क्या ऐसे अपराधियों को छोड़ देना चाहिए, तो पूरी क्लास ने एक सुर में चिल्लाकर कहा— “नहीं!” खान सर का मानना है कि अगर इन दोषियों को कड़ी सजा नहीं मिली, तो हर बार गरीब और मेहनती बच्चों का हक इसी तरह मारा जाता रहेगा।
NTA अफसरों पर तीखा तंज: ‘मरीज मरा नहीं, बस सांस बंद हुई है’
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और उसके प्रशासनिक अधिकारियों के ढुलमुल रवैए पर भी खान सर ने जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने एक अधिकारी के उस बयान पर चुटकी ली जिसमें कहा गया था कि पेपर लीक नहीं हुआ, बस कुछ सवाल बाहर आ गए थे। खान सर ने कहा कि ये अफसर अगर किसी अस्पताल में होते तो कहते कि मरीज मरा नहीं है, बस उसकी सांसें बंद हो गई हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे अजीबोगरीब तर्क देने वाले लोग सिस्टम को चला रहे हैं। खान सर ने दुख जताते हुए कहा कि अभी छात्र नीट के सदमे से उबर भी नहीं पाए थे कि इन लोगों ने CUET (सेंट्रल यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट) की परीक्षा का भी कबाड़ा कर दिया। इस तरह की लापरवाहियों से पढ़ाई करने वाले बच्चों का मनोबल पूरी तरह टूट जाता है।
सरकार से एक ही गुहार: कम से कम परीक्षा तो ईमानदारी से करा लो!
अपने संबोधन के अंत में खान सर ने सरकार और प्रशासन से बेहद भावुक और गंभीर अपील की। उन्होंने कहा कि देश का युवा और शिक्षक सरकार से कोई बहुत बड़ी चीज नहीं मांग रहे हैं। हम लोगों की सरकार से बस एक ही बुनियादी मांग है कि जो भी परीक्षाएं आयोजित की जाएं, उन्हें पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ पूरा कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि हेलीकॉप्टर और सेना के जरिए पेपर बांटने से तब तक कोई फायदा नहीं होगा जब तक प्रिंटिंग प्रेस और मुख्य केंद्रों पर बैठे मठाधीशों पर कार्रवाई नहीं होगी। खान सर के इस बयान का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और छात्र इसे लेकर बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं।
