UP Weather Alert: उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी से परेशान लोगों को फिलहाल राहत मिलती दिखाई दे रही है, लेकिन यह राहत अपने साथ नई चुनौतियां भी लेकर आई है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और गरज-चमक के साथ मौसम अचानक बदल गया है। पिछले कुछ दिनों तक जहां तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ था, वहीं अब कई जिलों में तापमान में 6 से 10 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और वातावरण में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के कारण यह बदलाव देखने को मिल रहा है। राजधानी लखनऊ समेत मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बादलों की आवाजाही बढ़ गई है और लोगों को तपती गर्मी से राहत मिलने लगी है। हालांकि तेज हवाओं और खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
इन जिलों में सबसे ज्यादा असर
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि प्रदेश के कुछ इलाकों में हवाओं की रफ्तार सामान्य से कहीं अधिक रह सकती है। लखनऊ और आसपास के जिलों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। वहीं पश्चिमी और कुछ मध्य यूपी के जिलों में यह रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बुलंदशहर, आगरा, कानपुर, अयोध्या, वाराणसी और गोरखपुर सहित कई शहरों में तेज बारिश के साथ आंधी आने की संभावना जताई गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी तेज हवाएं पेड़ों, बिजली के खंभों और अस्थायी ढांचों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। किसानों को भी अपनी फसलों और कृषि उपकरणों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर नए अलर्ट जारी किए जा सकते हैं।
बिजली गिरने और तूफान को लेकर विशेष चेतावनी जारी
प्रदेश में सिर्फ बारिश और आंधी ही नहीं, बल्कि आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है। इसी कारण आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। अधिकारियों ने कहा है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, खेतों और ऊंचे स्थानों पर जाने से बचें। गरज-चमक के समय पेड़ों के नीचे खड़े होने या मोबाइल फोन का खुले क्षेत्र में उपयोग करने से भी परहेज करने की सलाह दी गई है। पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश के कई हिस्सों में बिजली गिरने की घटनाओं में जान-माल का नुकसान हुआ है, इसलिए इस बार प्रशासन किसी तरह की लापरवाही नहीं चाहता। ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से लोगों को जागरूक किया जा रहा है ताकि मौसम खराब होने पर वे सुरक्षित स्थानों पर पहुंच सकें। स्कूलों और सार्वजनिक संस्थानों को भी मौसम संबंधी निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया है।
कब तक रहेगा असर, आगे कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश में सक्रिय यह प्रणाली अगले एक-दो दिन तक असर दिखा सकती है। 31 मई के बाद मौसम धीरे-धीरे सामान्य होने की संभावना है और बारिश की गतिविधियों में कमी आ सकती है। हालांकि कुछ स्थानों पर हल्के बादल और छिटपुट बारिश बनी रह सकती है। राहत की बात यह है कि हाल के मौसम परिवर्तन से प्रयागराज, बांदा, हमीरपुर, झांसी और बुंदेलखंड क्षेत्र के उन जिलों को बड़ी राहत मिली है जहां कुछ दिन पहले तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था। विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल लोगों को मौसम विभाग द्वारा जारी अपडेट पर नजर रखनी चाहिए और अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। तेज हवाओं और बिजली की घटनाओं को देखते हुए अगले 24 से 48 घंटे सतर्कता बेहद जरूरी है। मौसम का यह बदलाव भले ही गर्मी से राहत दे रहा हो, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से लोगों को पूरी सावधानी बरतनी होगी।
